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हादसे की जांच के लिए दूसरी बार मौके पर पहुंची समिति
जून में मनूणी खड्ड में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के सात मजदूरों की हुई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। मनूणी खड्ड स्थित निजी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में हुए बहुचर्चित हादसे की दूसरी बार जांच की गई है। धर्मशाला के एसडीएम मोहित रत्तन की अगुवाई में जांच समिति ग्राम पंचायत सोकणी दी कोट (खनियारा) स्थित उस स्थल पर पहुंची, जहां से पावर हाउस के लिए पानी का मुख्य स्रोत स्थापित किया गया है। समिति अब जांच की मिनट्स ऑफ मीटिंग तैयार कर उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा को रिपोर्ट सौंपेगी। जांच समिति में बिजली बोर्ड धर्मशाला के अधिशासी अभियंता विकास ठाकुर, जिला खनन अधिकारी राजीव कालिया, पुलिस विभाग से संजय कुमार, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशिक्षण एवं क्षमता समन्वयक कुलदीप कुमार सहित जलशक्ति विभाग सहित वन विभाग तथा राजस्व विभागों के अधिकारी भी शामिल रहे।
गौरतलब है कि जून में मनूणी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत सात मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि एक मजदूर अब भी लापता है। हादसे के कारणों और जिम्मेदारी तय करने के लिए उपायुक्त कांगड़ा ने एसडीएम धर्मशाला की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। समिति ने जुलाई में प्रारंभिक जांच की थी, किंतु उपायुक्त कांगड़ा उस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने एसडीएम को विस्तृत जांच के निर्देश दिए। इसके तहत अब यह दूसरी जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पावर हाउस का निर्माण खड्ड के बीच में किए जाने, अवैध खनन गतिविधियों और मलबा खड्ड में डंप करने जैसे बिंदु सामने आए थे। अब यह देखना बाकी है कि नई रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष निकलते हैं, इसका पता रिपोर्ट को डीसी को सौंपने के बाद ही चल पाएगा।
जांच समिति ने मनूणी खड्ड पर निर्माणाधीन पावर प्रोजेक्ट की मौके पर पहुंचकर गहनता से जांच की है। जांच समिति अब जल्द मिनट्स ऑफ मीटिंग तैयार कर रिपोर्ट उपायुक्त हेमराज बैरवा को सौंपेगी। तीन मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये मुआवजा दिया जा चुका है। शेष मृतकों के परिजनों से अभी तक पूर्ण दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं। जैसे ही दस्तावेज प्राप्त होंगे तो उन्हें भी उचित मुआवजा प्रदान कर दिया जाएगा।
-मोहित रत्तन, एसडीएम, धर्मशाला