मेहर चंद गांव पेडला गांव पंचायत दलोह आयु लगभग 65 वर्ष
ज्वालामुखी/खुंडियां (कांगड़ा)। रक्कड़ क्षेत्र के कलोहा सरड़ बम्मी में 17 अप्रैल को हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल टैक्सी चालक मेहर सिंह ने रविवार को दम तोड़ दिया। टांडा मेडिकल कॉलेज में 84 दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मेहर सिंह को होशियारपुर जाने के लिए टैक्सी बुक करने वाले दो युवकों ने रास्ते में किसी बात पर हुए विवाद के बाद एक सुनसान क्षेत्र में ले जाकर उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। आरोपियों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए रस्सी से उनका गला भी दबाया और जब मेहर सिंह अचेत हो गए तो उन्हें मृत समझकर जंगल में फेंक दिया था।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक की टैक्सी लेकर फरार हो गए थे और बाद में वाहन को होशियारपुर में लावारिस छोड़कर भाग निकले। मेहर सिंह के भाई ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को धर दबोचा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की ही निशानदेही पर घायल चालक को लहूलुहान और बेहोशी की हालत में जंगल से रेस्क्यू किया था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था।
एसपी देहरा संदीप धवल ने कहा कि चालक मेहर सिंह की मौत के बाद अब मुकदमे में हत्या की धारा जोड़ी जा रही है। घटना के तुरंत बाद धर्मशाला से बुलाई गई फोरेंसिक टीम ने भी मौके से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस इन सभी पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी कर रही है, ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके
नशे और लूटपाट के लिए रची थी साजिश
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों की पहचान अमित कौशल (23) और सुरेश कुमार (19), निवासी टिहरी, तहसील खुंडियां के रूप में हुई थी। पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में यह सामने आया था कि आरोपियों ने लूटपाट के इरादे और अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए इस खूनी वारदात की साजिश रची थी। आरोपी वारदात के समय चालक से नकदी और उनकी सोने की अंगूठी भी लूट ले गए थे।