कांगड़ा। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा को पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) स्तर पर अपग्रेड करने की मांग अब तेजी से जोर पकड़ रही है। टांडा मेडिकल कॉलेज में कांगड़ा, चंबा और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 30 लाख लोग स्वास्थ्य लाभ लेने आते हैं, लेकिन कई बार उन्हें पूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं।
स्थानीय लोग बताते हैं कि वर्तमान में आईजीएमसी शिमला, एम्स बिलासपुर और पीजीआई चंडीगढ़ तक जाना पड़ता है, जो आपात स्थितियों में जीवन-मरण का सवाल बन जाता है। ऐसे में टांडा मेडिकल कॉलेज का पीजीआई स्तर पर अपग्रेड होना स्वास्थ्य सेवाओं को विकेंद्रीकृत करने और आम जनता को राहत देने का महत्वपूर्ण कदम होगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अपग्रेड से न केवल उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी बल्कि स्नातकोत्तर शिक्षा, अनुसंधान और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता में भी सुधार आएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और दूर-दराज के क्षेत्रों में इलाज के लिए सफर करने की जरूरत भी कम होगी।
आईजीएमसी शिमला, एम्स बिलासपुर और पीजीआई चंडीगढ़ जैसे उन्नत चिकित्सा केंद्रों तक जाने के लिए बहुत लंबा सफर करना पड़ता है। ऐसे में टांडा मेडिकल कॉलेज को पीजीआई स्तर का संस्थान बनाना जरूरी है। - सतीश कुमार, पंचरुखी
टांडा मेडिकल कॉलेज के अपग्रेड हाेने से न केवल उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। लाेगाें काे दूर-दराज के क्षेत्राें में जाने से भी छुटकारा मिलेगा। - गाेपी चंद, कांगड़ा
सरकारी संस्थानों का सशक्त और आधुनिक होना ही समाज के सभी वर्गों को न्यायपूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने की कुंजी है। बिलासपुर में एम्स की स्थापना सरकार की दूरदर्शिता का परिचायक रही है। अब यही दूरदर्शिता कांगड़ा-चंबा के लिए भी दिखाई जानी चाहिए। - रविंद्र सरियाल, सुलह
टांडा काे पीजीआई में अपग्रेड करने का निर्णय हो सकता है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा का स्वरूप ही बदल देगा। यह सिर्फ एक संस्थान की मांग नहीं बल्कि हर उस व्यक्ति की उम्मीद है।- मेजर जयसिंह, पालमपुर