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Kangra News: अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी

Sat, 11 May 2024 11:47 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में वीरवार रात और शुक्रवार को हुई बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खेतों में पककर तैयार गेहूं की फसल खराब होने के कगार पर है। कई क्षेत्रों में बारिश से खेतों में काटकर रखी फसल भीग गई। वहीं, कुछ लोगों ने जद्दोजहद कर बारिश से पहले फसल की थ्रेसिंग करवा ली। तेज हवाओं में थ्रेसिंग करवाने से किसानों को तूड़ी का नुकसान तो हुआ, लेकिन दाने बच गए।
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वहीं, जिन किसानों की फसल भीग गई है, वे मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फसल सूखे और उसकी थ्रेसिंग करवाई जा सके। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 91,000 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल लगाई जाती है। सिंचित और गैरसिंचित इलाकों में फसल की कटाई जारी है। अगले दो दिनों तक मौसम विभाग की ओर से बारिश और अंधड़ का अलर्ट बताया गया है, जिससे किसानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर खराब मौसम का दौर जारी रहा तो सूखी फसल का दाना झड़ने लगेगा, जिसका सीधा असर पैदावार पर होगा।
इससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। वहीं, तेज अधंड के कारण फलदार पौधों से भी फलों की तैयार हो रही नई फसल को भी नुकसान पहुंचेगा। इस समय जिला कांगड़ा में लीची, आम, संतरा और नींबू आदि की नई फसल तैयार हो रही है, जिसे तेज अधंड़ से नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा खेतों में आलू की फसल की तैयार हो गई है और भारी बारिश के कारण आलू खेतों में सड़ भी सकते हैं। जानकारी के अनुसार धर्मशाला में दो से तीन दिन पहले तपती गर्मी के कारण अधिकतर तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, लेकिन खराब मौसम के कारण शुक्रवार को अधिकतर तामपान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं, अगले दो दिन में तापमान और कम होने की संभावना है।
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खैरा में ओलावृष्टि और बारिश से फसल खराब

खैरा (कांगड़ा)। खैरा में ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान हुआ है तो दूसरी ओर खेतों में कटी हुई फसल भी खराब हुई है। हालांकि खैरा और आसपास के इलाकों में अधिकतर किसानों ने गेहूं की थ्रेसिंग कर ली थी, लेकिन कुछ किसानों की गेहूं की फसल पर ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया। वाहे दा पट्ट के चंचल पाल भंगालिया ने बताया कि उनकी चार कनाल जमीन में गेहूं की खड़ी फसल बारिश और ओलावृष्टि से खराब हो गई। किसानों का कहना है की इस बार लावारिस पशुओं को गोशाला में भेजकर फसल को बचाया था, लेकिन अचानक मौसम के बिगड़े मिजाज ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
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