कांगड़ा जिलेकी धौलाधार की पहाड़ियों में बारिश के बाद बर्फबारी हुई है। इससे समूचे कांगड़ा जिले में ठंड बढ़ गई है। मुल्थान तहसील की राजगुंदा, प्लाचक, कोठिकोड़, बड़ा गांव, मल्हा, उल्धार, सरमान, पोलिंग, ज्धार, भुज्लिंग और स्वाड गांव में दो से 15 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है।
रविवार को मुल्थान बडागांव सड़क, बरोट लोहारड़ी सड़कों पर बर्फ होने के कारण यातायात बाधित रहा। लोगों तक रोजमर्रा की चीजें नहीं पहुंच पाई हैं। मीलों का सफर पैदल ही तय करना पड़ा है। अरसे बाद झमाझम बारिश होने से सूखे की समस्या का हल हो गया है। लोगों की फसल खेतों में सूखने की कगार पर थी मगर बारिश होने से गेेहूं की फसल को संजीवनी मिली है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. देस राज ने बताया कि बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। साथ ही बेमौसमी सब्जियों के लिए भी लाभदायक है। इससे फसलों की पैदावार में पांच से दस प्रतिशत बढ़ोतरी होगी। धौलाधार की पहाड़ियों में हिमपात के बाद निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई।
बाजारों में भी मौसम ठंडक भरा होने के कारण लोग कम ही दिखे। ठंडक भरे मौसम में दुकानदारों का धंधा भी मदा ही रहा है। आने वाले दिनों में भी बारिश होने का क्रम जारी रहता है तो जिला में ठंड बढ़ सकती है। लोगों में ज्ञान चंद, रमेश कुमार, होशियार राम, दौलत राम, प्रेम सागर ने बताया कि बारिश होने से ठंड बढ़ी है।
सर्दी से करें लोग बचाव : राणा
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. आरएस राणा ने कहा कि जिला में ठंड बढ़ गई है। ऐसे में लोग अपने शरीर को गर्म कपड़ों में रखे। सुबह और शाम को लोग ठंड से बचाव रखें। साथ ही शिशुओं को भी ठंड से बचाएं। शिशुओं को ठंडक भरे मौसम में गर्म पकड़ों में ही रखे। ठंड की चपेट में आने से लोग सर्दी, जुकाम, निमोनिया की चपेट में आ सकते हैं।