धर्मशाला। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत धर्मशाला में विकसित संपत्तियों से हो रही आय का अब 40 प्रतिशत हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन को देने की तैयारी है। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेगी।
स्मार्ट सिटी धर्मशाला प्रबंधन ने 40:60 अनुपात में आय के बंटवारे का ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को भेजा है। मंजूरी मिलने पर यह व्यवस्था लागू होगी। वर्तमान में धर्मशाला स्मार्ट सिटी की 15 ई-बसों से परिवहन निगम को सालाना करोड़ों रुपये की आय होती है, लेकिन इसका कोई हिस्सा स्मार्ट सिटी को नहीं मिल रहा। इसी तरह मैक्लोडगंज में सेंट जोन चर्च के पास बने पार्क और शहर में विज्ञापन के लिए लगाई गई एलईडी स्क्रीन से भी स्मार्ट सिटी को राजस्व नहीं मिलता।
नई व्यवस्था लागू होने पर ये सभी आय स्रोत स्मार्ट सिटी के संचालन और विकास में मदद करेंगे। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि स्मार्ट सिटी की जिन परियोजनाओं को कोई विभाग चला रहा है, उनके रखरखाव और मरम्मत का जिम्मा भी उसी विभाग का होगा।
इनमें एचआरटीसी वर्कशॉप, एलईडी स्क्रीन, फुटबॉल स्टेडियम, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, धर्मशाला अस्पताल और डीसी कार्यालय की छत पर लगे सोलर पैनल जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। पहले संपत्तियों से होने वाली आय का 20 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन को देने का प्रावधान था, जिसे अब बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।
मंजूरी मिलने के बाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की वित्तीय स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है, जिससे भविष्य में इसकी परियोजनाओं का संचालन और रखरखाव सुनिश्चित किया जा सकेगा। संवाद