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Kangra News: तीन साल पहले टूटी कूहल, आज तक नहीं हुई बहाल

Mon, 11 Nov 2024 08:19 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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निशांत
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जनसमस्या...
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प्रशासन और विभाग ने साढ़े तीन सालों में नहीं लिया संज्ञान
किसानों की हजारों कनाल भूमि पर नहीं हो पा रही सिंचाई
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। कृषि के माध्यम से किसानों की आर्थिकी मजबूत करने वाली कूहल तीन साल बाद भी बहाल नहीं हो पाई है। जिला मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर यह कूहल वर्ष 2021 में मांझी खड्ड में आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्राम पंचायत पंतेहड़ पासू में क्षतिग्रस्त हुई इस कूहल को आज तक नहीं बनाया जा सका है। अब हालात ऐसे हैं कि किसानों को किसी अन्य कूहल से पानी सिंचाई के लिए प्रयोग करना पड़ रहा है, जिसके लिए उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ती है।
जुलाई, 2021 में आई बाढ़ में बही इस कूहल के निर्माण के लिए क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से लेकर तत्कालीन भाजपा और मौजूदा कांग्रेस सरकार से भी गुहार लगाई, लेकिन आज तक इस कूहल का निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो पाया है। रबी फसल की बिजाई तो किसी तरह किसान कर देते हैं, लेकिन धान की फसल को बीजने के लिए उन्हें बारिश के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही कूहल का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो उन्हें गेंहू की फीस की बिजाई करने के बाद सिंचाई के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। सरकार और प्रशासन जल्द इस कूहल की मरम्मत करवाएं।
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- पासू कूहल को टूटे साढ़े तीन साल का समय बीत गया है, लेकिन आज तक न तो पंचायत ने इस कूहल को बनाने में कोई दिलचस्पी दिखाई और न प्रशासन ने। किसानों को भूमि की सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
- अरविंद चौधरी, स्थानीय निवासी

- एक तरफ प्रदेश सरकार किसानों की आय को बढ़ाने की बात कर रही है, लेकिन दूसरी ओर कूहलों की खस्ता हालत पर कोई ध्या नहीं दिया जा रहा है। साढ़े तीन साल बाद भी कूहल को ठीक करने के लिए किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
- अनुज पाल, स्थानीय निवासी

- कूहल टूटी होने के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की हजारों कनाल भूमि इस कूहल पर निर्भर है, लेकिन पंचायत और प्रशासन काम करने की बजाय गहरी नींद में सोई हुई है। किसान परेशान हैं और सरकार आराम फरमा रही है।
-सुरेश कुमार, स्थानीय निवासी

- पंचायत का कार्यकाल अगले साल समाप्त होने को है, लेकिन आज तक पंतायत प्रतिनिधियों में कूहल को ठीक करवाने के लिए कोई कार्य नहीं किया है। इसका खामियाजा किसानों को झेलना पड़ रहा है। कूहल में पानी न आने के कारण अन्य कूहलों से पानी लाना पड़ता है, जिस वजह से कई बार लड़ाई भी हो जाती है।
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- निशांत चौधरी, स्थानीय निवासी

- इस कूहल का निर्माण कार्य पहले किसी ओर हेड में चला गया था। डीसी के माध्यम से इसे बदलवा दिया गया है। जल्द ही पासू कूहल का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा, जिससे की किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
- सुमित कुमार, प्रधान, पासू पंचायत

निशांत

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