धर्मशाला। वन विभाग ने उपमंडल पालमपुर के जिया के जंगल में किए गए शिकार के मामले में कार्रवाई करते हुए बरामद किए जानवरों के अंगों के सैंपल वन अनुसंधान संस्थान देहरादून भेजे दिए हैं। इसके साथ ही वन्य जीवों के शिकार के मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पालमपुर के जिया की पहाड़ियों में 11 मार्च शाम को गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने चार हिमालयन थार और एक घोरल का सिर और 20 पांव बरामद कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से दो बंदूकें, चाकू और खुखरी जैसे तेज धार वाले हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए थे।
वन विभाग धर्मशाला सर्किल की मुख्य अरण्यपाल वासु कौशल ने वीरवार को धर्मशाला में बताया कि पांचों आरोपियों में छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। आरोपित शिकारियों के शिकार के संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। बोलेरो गाड़ी पालमपुर स्थित एक हाइड्रो प्रोजेक्ट में लगाई गई है और चालक संतोष कुमार ही गाड़ी का मालिक भी है। पूछताछ में कई अन्य बड़े खुलासे हो सकते हैं। वन विभाग की टीम आरोपियों की सारी जानकारी एकत्रित कर रही है। वासु कौशल ने बताया कि शिकार की गतिविधियों में अन्य आरोपी भी शामिल हो सकते हैं। इस संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। वन विभाग मामले की जांच में जुटा है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया है। विभाग ने बरामद मांस, खाल और खुन्के का सैंपल वन अनुसंधान संस्थान देहरादून भेजे दिए हैं।