बरियाल (कांगड़ा)। ग्राम पंचायत जरोट में मनरेगा के विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता साबित हो गए हैं। इस पर लोकपाल कांगड़ा (धर्मशाला) ने तत्कालीन पंचायत प्रधान और सचिव समेत चार जिम्मेदारों से कुल 3,59,363 रुपये की रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही संबंधित विभागों को दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश भी की गई है।
जरोट निवासी देव राज की 29 सितंबर 2025 की शिकायत पर सुनवाई करते हुए लोकपाल ने 23 सितंबर 2026 को 17 पृष्ठों का विस्तृत फैसला सुनाया। जांच में तालाब टिक्का खोली में दो डंगों और सिंबल चौक में सुरक्षा दीवार के निर्माण में भारी गड़बड़ी पाई गई। तकनीकी पुनर्मूल्यांकन में स्वीकृत राशि और वास्तविक मूल्यांकन में बड़ा अंतर उजागर हुआ।
फैसले के अनुसार पहले डंगा कार्य में 2,99,579 रुपये की निकासी के मुकाबले वास्तविक कार्य केवल 1,23,979 रुपये का पाया गया। इसमें अधिक निकाली गई 1,75,600 रुपये की राशि चारों जिम्मेदारों तत्कालीन पंचायत प्रधान सोम नाथ, सचिव विश्वास गुलेरिया, जीआरएस अजय कुमार और तकनीकी सहायक नीना चौधरी से बराबर (43,900-43,900 रुपये प्रति व्यक्ति) वसूली जाएगी।
वहीं, दूसरे डंगा कार्य में 2,34,024 रुपये के स्थान पर महज 50,260 रुपये का काम निकला, जिसकी अतिरिक्त 1,83,763 रुपये राशि की रिकवरी के आदेश भी दिए गए हैं। दोनों कार्यों की कुल अतिरिक्त राशि 3,59,363 रुपये बनती है। बीडीओ मनोज शर्मा ने बताया कि लोकपाल के फैसले की प्रति प्राप्त हो गई है और संबंधित लोगों को शीघ्र रिकवरी नोटिस जारी कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।