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Kangra News: पठानकोट से बैजनाथ तक एक सप्ताह में शुरू होगी रेल सेवा

Wed, 25 Feb 2026 07:33 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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चक्की खड्ड पर नवनिर्मित रेलवे पुल का निरीक्षण करते रेल सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल। -संवाद
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कंडवाल/बरियाल (कांगड़ा)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेलमार्ग पर ट्रेनों की बहाली की प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है। मंगलवार को उत्तर रेलवे के रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) दिनेश चंद देशवाल ने छह बोगी वाली स्पेशल ट्रेन के साथ रेल ट्रैक और नवनिर्मित चक्की पुल का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ फिरोजपुर मंडल के डीआरएम विवेक कुमार और तकनीकी इंजीनियरों की टीम मौजूद रही।
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निरीक्षण टीम सुबह पठानकोट से चलकर चक्की खड्ड पहुंची, जहां करीब दो घंटे तक पुल की मजबूती को जांचा गया। आयुक्त ने बताया कि 2022 की बाढ़ से सबक लेते हुए इस बार पुल के पिलरों की नींव को काफी गहरा और मजबूत बनाया गया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिणामों पर संतोष व्यक्त किया।
इसके बाद टीम नूरपुर और नगरोटा सूरियां होते हुए बैजनाथ की ओर रवाना हुई। सुरक्षा के मद्देनजर निरीक्षण ट्रेन के आगे एक खाली इंजन भी चलाया गया। अगस्त 2022 में आई बाढ़ के बाद से चक्की पुल बहने के कारण पठानकोट से आगे रेल सेवा बाधित थी। लंबे समय बाद जब नए पुल से ट्रेन गुजरी तो स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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डीआरएम विवेक कुमार ने बताया कि इस ट्रायल की रिपोर्ट मिलते ही अगले एक सप्ताह के भीतर पठानकोट से बैजनाथ के लिए सीधी ट्रेन सेवा बहाल कर दी जाएगी। इससे कांगड़ा घाटी के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

गुलेर में ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, जल्द सर्वे पूरा करने की मांग
गुलेर/हरिपुर (कांगड़ा)। रेल सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के दौरान गुलेर रेलवे स्टेशन पर क्षेत्रवासियों और व्यापार मंडल ने एडवोकेट शिवेंद्र सैनी की अध्यक्षता में रेलवे अधिकारियों को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। इस मांगपत्र के जरिये पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल मार्ग पर चल रहे अंतिम सर्वेक्षण कार्य को जल्द पूरा करने और रेल सेवाओं को तुरंत बहाल करने का आग्रह किया गया। ज्ञापन सौंपते हुए शिवेंद्र सैनी ने कहा कि पिछले 9 महीनों से ट्रेनें बंद होने के कारण करीब 10 पंचायतों के ग्रामीणों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भारी आर्थिक व मानसिक बोझ झेलना पड़ रहा है। सस्ता परिवहन साधन न होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि विभाग जनता की तकलीफ को समझते हुए सर्वेक्षण रिपोर्ट के बाद बिना देरी किए ट्रेनों का परिचालन शुरू करेगा।
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