फतेहपुर (कांगड़ा)। प्रदेश में बिजली क्षेत्र में प्रस्तावित निजीकरण और स्मार्ट मीटर लागू करने की प्रक्रिया को लेकर विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में वीरवार को विद्युत बोर्ड मंडल कार्यालय फतेहपुर का प्रांगण स्मार्ट मीटर और निजीकरण के विरोध में नारों से गूंज उठा। करीब एक घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन में पेंशनरों, कर्मचारियों, आउटसोर्स कर्मियों सहित स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड ज्वाइंट एक्शन कमेटी इम्प्लाइज एवं इंजीनियरिंग पेंशनर के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर योजना और प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल 2025 को आम जनता और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया। पेंशनर यूनियन फतेहपुर इकाई के उपाध्यक्ष वीर सिंह ठाकुर, मुख्य सलाहकार धर्म कपूर, यूनिट उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह, इकाई सचिव कुलजीवन डोगरा सहित अन्य ने कहा कि यदि बिजली संशोधन बिल 2025 पारित हुआ तो देशभर के बिजली बोर्डों को निजी हाथों में सौंपने का रास्ता साफ हो जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू होने से न केवल उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा, बल्कि विभाग में कार्यरत हजारों कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मियों के रोजगार पर भी संकट मंडराएगा। मीटर रीडिंग, बिल वितरण और तकनीकी सेवाओं से जुड़े कई पद समाप्त हो सकते हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी प्रभावित होंगे। प्रीपेड व्यवस्था को गरीब और सीमित आय वर्ग के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि अब बिजली जैसी आवश्यक सेवा भी रिचार्ज आधारित हो जाएगी, जिससे समय पर भुगतान न करने पर तुरंत आपूर्ति बाधित हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लगभग 80 करोड़ रुपये के मीटर खरीदे गए, जिनकी आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर और निजीकरण के खिलाफ उनका आंदोलन और अधिक व्यापक रूप से जारी रहेगा।