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Kangra News: दुविधा में लोग...भवारना में पंचायत या नपं के होंगे चुनाव

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भवारना (कांगड़ा)। प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि सरकार 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव करवाए। इस आदेश के बावजूद राज्य सरकार अब सुप्रीम कोर्ट का रुख कर चुकी है। इस कदम ने आम जनता, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
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इस असमंजस को मुख्यमंत्री ने सुलह विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान भवारना को नगर पंचायत बनाने की घोषणा से और बढ़ा दिया है। घोषणा के बाद भवारना और आसपास के क्षेत्रों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि अब भवारना में पंचायत चुनाव होंगे या नगर पंचायत के चुनाव। यदि नगर पंचायत के चुनाव होने हैं, तो उनकी प्रक्रिया कब शुरू होगी, इसकी अधिसूचना कब जारी होगी। यह प्रस्ताव कैबिनेट में कब आएगा और सीमांकन की प्रक्रिया कब पूरी होगी। इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं।



नगर पंचायत बनने की प्रक्रिया केवल एक घोषणा भर नहीं होती। इसके लिए जनसुनवाई, आपत्तियां दर्ज करने का समय, सीमांकन और कई प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, जिससे वे यह समझ सकें कि नगर पंचायत बनने से उन्हें क्या लाभ और क्या चुनौतियां झेलनी पड़ेंगी।
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क्या कहते हैं लोग



हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद सुप्रीम कोर्ट जाना जनता में अविश्वास पैदा करता है। कानूनन स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए या तो पंचायत चुनाव करवाए जाएं या नगर पंचायत गठन की प्रक्रिया को विधिवत और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जाए। - मनु भारती



आम आदमी सबसे ज्यादा भ्रम में है। हमें यह ही नहीं पता कि हम गांव में हैं या शहर में। न पंचायत की तैयारी है, न नगर पंचायत के नियम समझाए गए हैं। - कारण सूद



नगर पंचायत बनने का सीधा आर्थिक असर आम नागरिक पर पड़ेगा। टैक्स, नक्शा पास और अन्य शुल्क लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालेंगे, जबकि अभी तक यह साफ नहीं है कि सुविधाएं किस स्तर की मिलेंगी। - विजय ठाकुर



विकास तभी संभव है जब निर्णय स्पष्ट और संसाधनों के साथ हो। केवल घोषणा से विकास नहीं होता। नगर पंचायत बनती है तो उसके अनुरूप बजट और ढांचा भी पहले दिन से सुनिश्चित होना चाहिए। - पारस सूद
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