धर्मशाला। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस), जीपीएस और मैनुअल पासिंग बंद किए जाने के विरोध में सोमवार को जिले की विभिन्न टैक्सी यूनियनों ने धर्मशाला में प्रदर्शन किया। रैली निकालते हुए चालक गांधी वाटिका से कचहरी अड्डा तक पहुंचे। यहां सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में जिले की लगभग 35 टैक्सी यूनियनों सहित, ट्रक, बस और ऑटो यूनियनों के चालक शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परिवहन चालकों पर भेदभावपूर्ण और अव्यावहारिक नियम थोपे जा रहे हैं जिससे उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से इन नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग की।
चालकों ने कहा कि एटीएस की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। जीपीएस से वाहन चालकों को कोई व्यावहारिक लाभ नहीं मिल रहा है। जब तक सरकार इसकी सुरक्षा और उपयोगिता की स्पष्ट गारंटी नहीं देती तब तक इसे अनिवार्य नहीं बनाया जाना चाहिए।
यूनियनों ने मैनुअल पासिंग व्यवस्था बहाल करने की भी मांग उठाई। चालकों ने बताया कि बीड़ से गाहलियां सहित दूरदराज क्षेत्रों से वाहनों की पासिंग करवाने आने पर पूरा दिन लग जाता है जिससे समय और धन की हानि होती है।
प्रदर्शन के बाद यूनियन के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पालमपुर से चंद्रकांत और कार्तिक, पाहड़ा से सुनील मिन्हास, मारंडा से विनाेद कुमार, जयसिंहपुर से पवन कुमार, सुदेश कुमार, राजेश कुमार, नरेश कुमार और रितिक आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शन के दौरान बिगड़ी टैक्सी चालक की तबीयत
प्रदर्शन के दौरान अचानक एक टैक्सी चालक की तबीयत खराब हो गई। अन्य साथियों के सहयोग से चालक को क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला पहुंचाया। यहां पर उपचार के बाद उसकी तबीयत में सुधार हो गया और फिर उसे घर भेज दिया गया।
कांगड़ा हवाई अड्डा पर सीएम से मिले टैक्सी चालक
निजी वाहन चालकों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को कांगड़ा हवाई अड्डा पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिला। उन्होंने एटीएस, जीपीएस और मैनुअल पासिंग की समस्या सीएम को बताई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी वाहन चालकों की समस्या को जल्द हल किया जाए।