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Kangra News: पुलिस को दिया आंसू गैस के गोले दागने का प्रशिक्षण

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कांगड़ा में जिला और बटालियन स्तर पर 18 टीमें गठित
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तनुज सैणी
धर्मशाला। शिमला में संजौली मस्जिद विवाद को लेकर उपजे आंदोलन के बाद प्रदेशभर में अब पुलिस जवानों को स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले दागने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विवादित मामलों और विधानसभा के बाहर पूर्व में हुए प्रदर्शनों को देखते हुए अब जिला और बटालियन स्तर पर स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले दागने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। धर्मशाला के तपोवन में भी 18 से 21 दिसंबर तक विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इसके चलते कांगड़ा पुलिस के जवानों को भी सकोह बटालियन में स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले दागने का प्रशिक्षण दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक हिमाचल में स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले दागने का प्रशिक्षण पीटीसी डरोह में दिया जाता है, लेकिन हाल ही में शिमला के संजौली में मस्जिद विवाद के दौरान हुए प्रदर्शन और इससे पहले एनपीएस के कर्मचारियों का मार्च 2022 में शिमला विधानसभा के बाहर प्रदर्शन और तपोवन में शीतकालीन सत्र के दौरान स्वर्ण समाज के हुए प्रदर्शनों को देखते हुए जिला और बटालियन स्तर पर ही जवानों को प्रशिक्षण प्रदान करने की कवायद शुरू की गई है जिससे किसी बड़े प्रदर्शन के दौरान हालात पर काबू पाने और प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जवान स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोलों का प्रयोग कर सकें। एएसपी कांगड़ा हितेष लखनपाल ने बताया कि कांगड़ा पुलिस के जवानों को हाल ही में स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले दागने का प्रशिक्षण दिया गया है। जिले में स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले दागने के लिए 18 टीमें गठित की गई हैं।
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यह है स्टन ग्रेनेड
स्टन ग्रेनेड जिसे फ्लैश ग्रेनेड, फ्लैशबैंग, थंडरफ्लैश अथवा साउंड बम के नाम से भी जाना जाता है। यह एक गैर-घातक विस्फोटक उपकरण है, जिसका उपयोग अस्थायी रूप से भ्रमित करने के लिए किया जाता है। विस्फोट होने पर स्टन ग्रेनेड से चकाचौंध करने वाली रोशनी और एक बहुत तेज धमाका होता है।
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