धर्मशाला के सिंथेटिक ट्रैक में आई दरार को टीन के पतरे से किया कवर। संवाद
धर्मशाला। सिंथेटिक ट्रैक धर्मशाला डेढ़ साल से टूटा पड़ा है। खिलाड़ी जोखिम में अभ्यास कर रहे हैं और जिम्मेदार अभी भी लापरवाही की दौड़ लगा रहे हैं। डेढ़ साल पहले यहां जमीन धंसने से ट्रैक की एक लेन को नुकसान पहुंचा था। एक साल तक मरम्मत कार्य बजट के अभाव में लटके रहे। जब खेल विभाग कांगड़ा ने 20 लाख रुपये का बजट जारी किया तो मरम्मत की उम्मीद जगी, लेकिन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने छह महीने बाद भी इन दरारों को नहीं भरा। इसके चलते यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन्हें चोटिल होने का भी खतरा बना हुआ है। अब बरसात शुरू होने वाली है। ऐसे में ट्रैक जल्द ठीक नहीं किया तो और अधिक नुकसान हो सकता है। सिंथेटिक ट्रैक पर रोजाना 300 से अधिक खिलाड़ी सुबह और शाम को अभ्यास करने के लिए आते हैं। इसके अलावा भारतीय खेल प्राधिकरण के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की महिला खिलाड़ी भी ट्रैक मेंं अभ्यास करती हैं। ऐसे में उनकी तैयारी को भी बाधा पहुंच रही है।
सिंथेटिक ट्रैक सहित अन्य कार्यों के लिए 20 लाख रुपये राशि जमा करवाई है। इसमें कुछ ही काम करवाए गए। लोक निर्माण विभाग को दरारें भरने के लिए कई बार पत्राचार कर काम शुरू करवाने का आग्रह किया गया, पर नतीजा शून्य रहा।
सन्नी कुमार,
सिंथेटिक ट्रैक पर अन्य कार्य पूरे कर लिए गए हैं। अब केवल दरारें भरने का कार्य बाकी है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
धमेंद्र सिंह, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, धर्मशाला उपमंडल