विलिंग में आयोजित शांति हवन में भाग लेते पैराग्लाइडर पायलट व अन्य लोग
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बैजनाथ (कांगड़ा)। पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध बीड़ बिलिंग घाटी में पैराग्लाइडिंग उड़ानों पर प्रतिबंध समाप्त हो जाने के बाद इंश्योरेंस के मामले को लेकर बुधवार को पायलटों ने उड़ानों को अंजाम नहीं दिया।
बुधवार सुबह मात्र दो-तीन सोलो उड़ानों और एक टेंडम उड़ान के बाद पायलटों ने उड़ानों को अपने तौर पर स्थगित कर दिया। बताया जा रहा है कि जिला पर्यटन विभाग,पर्वतारोहण संस्थान और प्रशासन के दिशा निर्देशों के तहत उड़ान भरने वाले पायलट और पर्यटक की उड़ान में होने वाली दुर्घटना को लेकर इंश्योरेंस का होना आवश्यक है। पायलटों का कहना है कि कोई भी इंश्योरेंस कंपनी इस प्रकार का बीमा नहीं करती है और सरकार से इसे लेकर अनेक बार मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई भी समस्या का हल नहीं निकला है। एचपी एयरो स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सदस्य सतीश अबरोल और पायलट ज्योति ठाकुर ने सरकार से पायलटों के लिए इंश्योरेंस का पैकेज उपलब्ध करवाने और पूरे प्रदेश में इस खेल की गतिविधियों के लिए एक समान नियम बनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि एक इंश्योरेंस कंपनी से बात की गई है और वीरवार से नियमित तौर पर उड़ानें शुरू की जाएंगी। इससे पूर्व होटल एसोसिएशन बीड के तत्वावधान में क्षेत्र के समस्त पैराग्लाइडिंग पायलटों, पंचायत प्रतिनिधियों, टैक्सी यूनियन, व्यापार मंडल और स्थानीय व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधियों ने मिलकर बिलिंग में शांति हवन का आयोजन किया और पवन देव की स्थापना की। बिलिंग की पहाड़ी पर बने सत्य वाचिनी देवी के मंदिर में पूजा अर्चना की और उसके बाद सभी लोग शांति हवन के लिए बिलिंग पहुंचे। बाद में बिलिंग में भंडारे का आयोजन किया गया। बीड़ के प्रधान सुरेश ठाकुर ने कहा कि पहाड़ी पर स्थित सत्यवाचिनी देवी के मंदिर का अब नव निर्माण जन सहयोग से किया जा रहा है और पहाड़ी शैली में इस मंदिर का निर्माण किया जाएगा। यह एक दर्शनीय स्थल होगा। इस आयोजन के लिए होटल एसोसिएशन और पायलटों ने व्यवसाय राजीव जमवाल का धन्यवाद किया।