कहा, बांध में जल क्रीड़ा गतिविधियों को दिया जाएगा प्रोत्साहन
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर (कांगड़ा)। राज्य सरकार प्रदेश में जल क्रीड़ा गतिविधियों को बहुआयामी तरीकेे से विस्तार प्रदान कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना और राज्य के जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। जल क्रीड़ा आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के सरकार के इस प्रयास से हिमाचल प्रदेश देशी-विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरेगा।
शनिवार को खटियाड़ में क्षेत्रीय जल क्रीड़ा केंद्र पौंग बांध का औचक निरीक्षण करने के बाद राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के मतियाल और जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के नंगल चौक क्षेत्र में पौंग बांध में जल क्रीड़ा गतिविधियां शुरू करने की अनुमति मिल गई है।
अमर उजाला ने 14 अक्तूबर के अंक में जल क्रीड़ा केंद्र की खस्ताहाल का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। शनिवार को राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र का निरीक्षण किया और कहा कि पर्यटन विभाग जून, 2025 तक शिकारा, क्रूज फ्लोटिंग रेस्तरां, हाउस बोट और अन्य जल आधारित खेल गतिविधियों का संचालन शुरू करने की योजना बना रहा है।
पौंग बांध में साहसिक खेल गतिविधियों को शुरू करने का उद्देश्य कांगड़ा जिला में पर्यटकों की आमद में बढोतरी करना है। पर्यटन क्षेत्र राज्य के युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटकों के यात्रा अनुभव को अविस्मरणीय बनाने के लिए पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। इस दौरान योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी पठानिया, एसडीएम विश्रुत भारती, वन विभाग के अधिकारी और जल क्रीड़ा केंद्र के कर्मचारी मौजूद रहे।