लंबागांव (कांगड़ा)। जयसिंहपुर से पालमपुर जाने वाली शाम की अंतिम बस सेवा पिछले दो महीने से बंद है। इससे धुपक्यारा, नाहलना, जालग, जगनी, साईं और चौंआ गांवों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जनता का गुस्सा अब उबाल पर है। ग्रामीणों ने साफ कह दिया है कि अगर यह बस सेवा शीघ्र बहाल नहीं की गई तो वे संघर्ष का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। यह बस सेवा हर शाम 03:50 बजे जयसिंहपुर से पालमपुर के लिए चलती थी और यह क्षेत्र की एकमात्र शाम की बस थी, जो लोगों को कामकाज के बाद घर लौटने का साधन उपलब्ध कराती थी। अब इसके बंद होने से छात्र, बुजुर्ग, कामकाजी वर्ग और मरीज सभी को भारी परेशानी हो रही है। इस संबंध में परिवहन निगम पालमपुर के आरएम उत्तम चंद ने बताया कि बसों की कमी के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। नई बसों के आते ही इस रूट को बहाल कर दिया जाएगा।
जब भी विभाग को शिकायत की जाती या फिर खबर के छपती हैं तो निगम बस तो चला देता है लेकिन फिर एक-दो दिन चलाकर फिर बंद कर देता है। अब पिछले दो महीनों से यह बस सेवा बंद है।
सरस्वती जरयाल, प्रधान, धुपक्यारा पंचायत
इस रूट पर क्षेत्र की जनता के लिए यही अंतिम बस सेवा थी लेकिन परिवहन निगम द्वारा करीब पिछले दो महीनों से इस बस को बंद कर दिया है। इससे जनता को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजिंदर राणा, स्थानीय निवासी
इस बस के बंद हो जाने से इस क्षेत्र से बहुतकनीकी संस्थान तलवाड़ में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को भी बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि जांगल धुपक्यारा और नाहलना आदि की तरफ से आने वाले लोगों के लिए यही एकमात्र बस सेवा है।
मान सिंह, निवासी चौंआ
चौंआ निवासी मान सिंह
चौंआ निवासी मान सिंह