देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड प्रबंधन के चार अप्रैल 2026 के आदेश के खिलाफ पेंशनरों ने हाईकोर्ट जाने का निर्णय लिया है। इस फैसले में वर्कचार्ज सेवा अवधि को वार्षिक वेतन वृद्धि और सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले वित्तीय लाभों में शामिल न करने की बात कही गई है।
विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम देहरा इकाई की मासिक बैठक यूनिट प्रधान मदन लाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें पेंशनरों ने दो टूक कहा कि विद्यतु बोर्ड प्रबंधन के इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनरों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इस अन्याय के खिलाफ फोरम ने प्रदेश हाईकोर्ट शिमला में याचिका दायर करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है।
बैठक की शुरुआत पूर्व मुख्य लेखा अधिकारी रोशन लाल कंवर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद पेंशनरों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। फोरम ने आरोप लगाया कि बोर्ड प्रबंधन पेंशनरों के वित्तीय लाभों के भुगतान में अनावश्यक देरी कर रहा है। पेंशनरों ने लंबित एरियर, लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन की राशि का एकमुश्त जल्द भुगतान करने की जोरदार मांग उठाई।
इसके साथ ही सरकार से 15 प्रतिशत डीए और डीआर एरियर की शीघ्र घोषणा करने का आग्रह किया। बैठक में महासचिव जितेंद्र ठाकुर, मुख्य सलाहकार तिलक राज कौंडल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश गुलेरिया, वित्त सचिव कुलदीप ठाकुर, जसमेर सिंह राणा, नीलकंठ दत्ता, सुभाष गुलेरिया, अशोक भारद्वाज, अंबिका वैद्य, शकुंतला देवी और चंचला देवी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।