इंदौरा (कांगड़ा)। एचआरटीसी के विभिन्न डिपो को इलेक्ट्रिक बसें आवंटित कर व्यवस्था आधुनिक बनाई जा रही है, लेकिन पठानकोट डिपो को एक भी ई-बस न मिल पाई है। इस डिपो से इंदौरा, ज्वाली, फतेहपुर और नूरपुर विधानसभा क्षेत्रों के लोग सफर करते हैं। ऐसे में यहां ई-बसें न मिलने और सामान्य बसों की कमी के चलते यात्रियों में गहरा रोष है।
क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आवाजाही पूरी तरह एचआरटीसी सेवाओं पर निर्भर है। बसों की कमी और कई रूट बंद होने से स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नई बसों के आवंटन में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी, जो पहले से परिवहन संकट झेल रहे हैं।
इंदौरा की पूर्व भाजपा विधायक रीता धीमान ने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार बदले की भावना से कार्य कर रही है। चार हलकों को सुविधा देने वाले पठानकोट डिपो की अनदेखी जनता के साथ धोखा है। उन्होंने दावा किया कि जनता इस कथित भेदभाव का जवाब वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में देगी।