उपायुक्त ने विभागों को टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने के दिए निर्देश, बैठक में न आने पर जताई नाराजगी
धर्मशाला में जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति और टीबी फोरम की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाना केवल स्वास्थ्य विभाग का ही काम नही है, इसके लिए अन्य विभागों की सहभागिता जरूरी है। हर विभाग अपने कार्यक्रमों में टीबी जागरूकता को शामिल करेगा, तो यह संदेश हर व्यक्ति तक आसानी से पहुंच सकेगा।
लोग टीबी के प्रति जितना जागरूक होंगे, उतनी ही इसे खत्म करने में मदद मिलेगी। यह बात डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने धर्मशाला में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।
इस दौरान उपायुक्त ने कई विभागों के अधिकारियों के बैठक में न पहुंचने पर नाराजगी जाहिर की और सभी अधिकारियों को अगली बैठक में मौजूद रहने के निर्देश दिए। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। साथ ही अन्य विभागों के अधिकारियों को भी टीबी के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और इसकी मॉनिटरिंग करने के लिए कहा।
बैठक में सभी विभागों से आए अधिकारियों-कर्मचारियों को टीबी को खत्म करने और इसमें सहयोग करने की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने विभाग की ओर से आयोजित होने वाले शिविरों और कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की। बैठक में डीसी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित टीबी जांच शिविरों में विभाग अपना सहयोग दे और प्रवासियों, श्रमिकों, किसानों और बच्चों आदि की टीबी जांच करवाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योग विभाग श्रमिकों की लिस्ट तैयार कर उनकी टीबी की जांच करवाए। इसी तरह खनन विभाग भी श्रमिकों, कृषि विभाग किसानों की टीबी जांच करवाए। इसी तरह हर विभाग अपने संबंधित क्षेत्र में जोखिमपूर्ण लोगों को टीबी की जांच करवाने के लिए प्रेरित करें।
इसके अलावा विभागों को निक्षय मित्र बनने के लिए भी प्रेरित किया। जिला कांगड़ा में 7 दिसंबर से चल रहे अभियान में 2.6 लाख जोखिमपूर्ण आबादियों के लिए आशा कार्यकर्ताओं की टीम घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित कर रही है। इसमें अब तक 1.2 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
वर्ष 2023-24 में जिले के 165 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुईं थी। इस वर्ष 300 पंचायतों टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूलों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों में भी टीबी से जुड़ी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सोशल मीडिया के माध्यम से भी टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर जागरूकता गतिविधियां की जाएंगी। इसके अलावा जिले की सभी पंचायत घरों की दीवारों पर वाल पेंटिंग करवाकर टीबी से जुड़े जागरूकता संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के तहत जनप्रतिनिधि, युवा, स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी, एनसीसी, एनएसएस, रेड रिबन क्लब और टीबी विजेताओं की ओर से जागरूकता शपथ, रैली, खुली चर्चा आदि गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कांगड़ा जिला में 87 टीबी विजेता हैं, जिनमें से 60 विजेताओं का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है।
-डॉ. राजेश गुलेरी, सीएमओ कांगड़ा