लंबागांव (कांगड़ा)। गांवों में विकास कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन करने वाली पंचायत खुद ही बुनियादी सुविधा से वंचित है। विकास खंड लंबागांव की टंबर पंचायत करीब तीन-चार वर्षों से अपने नए पंचायत भवन के इंतजार में है। पंचायत का पुराना भवन अंदर से बेहद जर्जर हो चुका था, जिसे विभाग ने करीब चार साल पहले असुरक्षित घोषित कर दिया था। इसके बाद पंचायत कार्यालय को मजबूरी में डी-नोटिफाई किए गए प्राथमिक स्कूल टंबर के भवन में चलाया जा रहा है। पंचायत का कामकाज अस्थायी व्यवस्था के सहारे निपटाया जा रहा है, जबकि समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकल पाया।
पंचायत प्रधान नेहा कुमारी ने बताया कि पुराने भवन की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी थी। इसके चलते उसे असुरक्षित घोषित किया गया। नए पंचायत भवन के लिए भूमि भी स्वीकृत हो चुकी है और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव बनाकर संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। बावजूद इसके अभी तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी लंबागांव सिकंदर ने बताया कि टंबर पंचायत के नए भवन का प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही भवन का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल, पंचायत कार्यालय डी-नोटिफाई किए गए स्कूल भवन में संचालित किया जा रहा है।
गांवों के विकास की धुरी मानी जाने वाली पंचायत का खुद अपने भवन के लिए वर्षों तक इंतजार करना ग्रामीण व्यवस्था की एक कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। अब पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति मिलकर टंबर पंचायत को अपना नया भवन नसीब होगा।