धर्मशाला। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती दाड़ी में फंदे पर लटकी मिली 45 वर्षीय पलोमा कार्की उर्फ मिली की मौत के मामले में पुलिस जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पति हिमेश कार्की और सास नीना कार्की को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस थाना प्रभारी नारायण सिंह ने कहा कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि पिछले कई वर्षों से चले आ रहे वैवाहिक विवाद के दौरान पलोमा को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। पुलिस रिमांड के दौरान इस बात की गहनता से जांच की जाएगी कि क्या उन्हें अपने 16 वर्षीय बेटे से दूर रखने के पीछे कोई गहरी साजिश थी और प्रताड़ना की जड़ें कितनी गहरी थीं।
जांच में यह भी सामने आया है कि पलोमा ने अपनी सुबह अपनी बहन पलोमजा को फोन कर आत्महत्या करने की जानकारी दी थी। पलोमजा द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार पलोमा का पति हिमेश कार्की और सास नीना कार्की के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था और तलाक का मामला अदालत में लंबित था।
पलोमजा ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन को घर में अलग-थलग कर दिया गया था और उसे बेटे से नहीं मिलने दिया जा रहा था, जो उसकी मानसिक प्रताड़ना का मुख्य कारण बना। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 108 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। मौके से बरामद सुसाइड नोट पुलिस के लिए इस केस में सबसे अहम कड़ी साबित हो रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रिमांड अवधि के दौरान साक्ष्यों को और मजबूत किया जाएगा और यदि जांच में किसी और की संलिप्तता पाई जाती है, तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।