आपदा या आपात स्थिति को देखते हुए धर्मशाला अस्पताल प्रशासन ने लिया फैसला
मरीजों को लाने-ले जाने में न हो परेशानी, इमरजेंसी के बाहर खाली रखा जाएगा रास्ता
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के आपातकालीन वार्ड के बाहर अब निजी वाहनों की पार्किंग नहीं हो सकेगी। अस्पताल प्रशासन ने आपदा और किसी भी तरह की आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी के बाहर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने का फैसला लिया है। अब इस स्थान पर केवल एंबुलेंस और आपातकालीन वार्ड में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों के वाहनों को खड़ा करने की अनुमति होगी।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आपातकालीन वार्ड के बाहर वाहनों की भीड़ होने से कई बार मरीजों को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर के माध्यम से अंदर ले जाने में परेशानी होती है। किसी बड़ी दुर्घटना, आपदा या एक साथ अधिक मरीज अस्पताल पहुंचने की स्थिति में यह परेशानी और गंभीर हो सकती है। इसे देखते हुए इमरजेंसी के बाहर का क्षेत्र खाली रखने का निर्णय लिया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इमरजेंसी के बाहर जगह खाली रहने से एंबुलेंस को मरीजों को उतारने में आसानी होगी और आपातकालीन सेवाओं में भी देरी नहीं होगी।
नई व्यवस्था के तहत मरीजों और तीमारदारों के निजी वाहनों को इमरजेंसी के बाहर खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। तीमारदार अपने मरीजों को आपातकालीन वार्ड में छोड़ कर वाहन को कहीं अन्य स्थान पर खड़ा करेंगे। अस्पताल परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों के माध्यम से व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को वहां से हटाया जाएगा।
कोट्स...
- आपातकालीन वार्ड के बाहर वाहनों की संख्या अधिक हो जाती है। ऐसे में गंभीर मरीज को भीतर पहुंचाने में देरी हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वहां पर केवल उसी चिकित्सक की गाड़ी खड़ी होगी, जो आपातकालीन वार्ड में सेवाएं दे रहा होगा। - डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला।