धर्मसाला में राजकीय एवं अर्द्धराजकीय चालक-परिचालक महासंघ मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने के बाद सा
धर्मशाला। प्रदेश राजकीय एवं अर्द्धराजकीय चालक-परिचालक महासंघ ने चालकों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने लोक निर्माण विभाग में बोलेरो कैंपर टैक्सियों को ठेके पर लगाने की व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कदम सरकारी संसाधनों और विभागीय कर्मचारियों के हितों के अनुकूल नहीं है।
प्रदेशाध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा कि प्रदेश के कई विभागों में स्क्रैप नीति के तहत पुराने सरकारी वाहन हटाए जा चुके हैं। इसके कारण अनेक विभागीय चालक वाहन उपलब्ध न होने से सेवाएं पूरी क्षमता के साथ नहीं दे पा रहे हैं। सरकार बाहरी टैक्सियों को किराये पर लेने पर खर्च करने के बजाय नए सरकारी वाहन खरीदे जिससे विभागीय कार्यप्रणाली मजबूत होगी और चालकों की सेवाओं का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
मांग की कि सभी विभागीय चालकों को सचिवालय कर्मचारियों की तर्ज पर वर्दी भत्ता प्रदान किया जाए। इसके अलावा 1400 रुपये विशेष वेतन और उस पर महंगाई भत्ते का लाभ देने की मांग भी रखी गई। 25 वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने वाले चालकों को विशेष वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। संवाद