नूरपुर(कांगड़ा)। आय के सीमित साधनों के चलते आर्थिक तंगहाली के दौर से गुजर रही नूरपुर नगर परिषद के लिए प्रापर्टी टैक्स (गृह कर) की नई संशोधित दरों की संजीवनी मिल गई है।
बेशक इससे शहरवासियों को रिहायशी और व्यवसायिक परिसरों पर लगने वाले टैक्स की अदायगी के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है, लेकिन नई संशोधित दरों से नगर परिषद को गृह कर के रूप में होने वाली आमदनी में तीन से चार गुना बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे नूरपुर नप की माली हालत में काफी हद तक सुधार हो सकता है।
जानकारी के अनुसार नई गृह कर प्रणाली के तहत शहरवासियों को सालाना एकमुश्त गृह कर की अदायगी की जगह फैक्टर वैल्यू रेट पर आधारित नई दरों के मुताबिक गृह कर चुकाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, केंद्रीय वित्त आयोग के निर्देशों के तहत गृह कर की निर्धारित समय अवधि के भीतर अदायगी नहीं करने पर एक फीसदी जुर्माना अलग से भरना पड़ेगा।
वहीं, फैक्टर वैल्यू के आधार पर प्रति वर्ग मीटर की दर से गृह कर की गणना की गई है। बता दें कि अभी तक बीते कई सालों से नाममात्र एकमुश्त सालाना हाउस टैक्स वसूला जा रहा था और उसे भी चुकाने में लोग लेटलतीफी और आनाकानी करते थे।
शहर से नप को सालाना महज 6 से 7 लाख रुपये का गृह कर मिलता है। जबकि, नई दरों के मुताबिक कवर एरिया के हिसाब से गृहकर वसूला जा रहा है। इसके तहत किसी भी आवासीय व व्यवसायिक भवन का गृह कर निर्मित क्षेत्र (वर्ग मीटर) को जोन (ए या बी) की यूनिट फैक्टर वैल्यू गुना ऐज फैक्टर वैल्यू (भवन कब बना) गुना यूज फैक्टर (आवासीय/गैर आवासीय) गुना स्ट्रक्चर वैल्यू (कच्चा, पक्का या अर्ध पक्का) गुना ओक्योपेसी वैल्यू (रिहायशी/ किराये) के हिसाब से निकलने वाली वैल्यू पर सात फीसदी सालाना की दर से गृह कर की गणना की गई हैं। संवाद