धर्मशाला। पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ वन विभाग ने ट्रैकिंग साइटों की चैक पोस्टों को लीज पर देने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद चैक पोस्टों पर विभाग के कर्मचारियों की बजाय ठेकेदार के कर्मचारी अपनी सेवाएं देंगे। वे ट्रैकिंग साइट पर जाने वालों का पंजीकरण करेंगे और पंजीकरण शुल्क भी लेंगे। ट्रैकिंग साइटों पर लिए जाने वाले शुल्क के दाम तय करने के लिए भी सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश में फायर सीजन शुरू होने के चलते वन विभाग ने अपने कर्मियों को आग के निपटने के अलर्ट पर रखा है। ऐसे में अगर ट्रैकिंग साइटों पर वन विभाग के कर्मियों को तैनात किया जाता है तो इससे विभाग को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि विभाग के पास पहले से ही कर्मचारियों की कमी चल रही है। इसी कमी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने इस बार चैक पोस्टों को लीज पर देने का निर्णय लिया है।
वन मंडल धर्मशाला के तहत त्रियूंड और करेरी सहित अन्य ट्रैकिंग साइटों पर चैक पोस्ट बनाई जाएंगी, ताकि ट्रैकिंग पर जाने वाले सैलानियों का आंकड़ा विभाग के पास रहे, ताकि किसी को अगर रेस्क्यू आदि करना है तो इसकी जानकारी विभाग के पास हो। पहले भी कई बार हो चुका है सैलानी बिना बताए या अन्य रास्तों से ट्रैकिंग साइटों पर चले जाते हैं। इस वजह से विभाग या प्रशासन के पास उनकी जानकारी नहीं रहती है। इस वजह से बाद में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पर्यटन सीजन शुरू हो गया है, ऐसे में ट्रैकिंग साइटों की चैक पोस्टों को लीज पर देने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। फायर सीजन भी शुरू हो गया है। इसलिए वन विभाग के कर्मियों को वहां तैनात किया गया है। विभाग के पास पहले ही कर्मचारी कम है। वहीं, चैक पोस्टों पर दाम तय करने के लिए भी लिखा है।
दिनेश शर्मा, डीएफओ, वन मंडल धर्मशाला