धर्मशाला। अब कांगड़ा जिले में केवल जरूरतमंद महिलाओं के लिए ही स्वयं सहायता समूह बनेंगे। जिला ग्रामीण विकास विभाग की ओर से इस बारे में निर्देश दिए गए हैं। जिला विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पहले ही अधिक संख्या में स्वयं सहायता समूह बनाए जा चुके हैं। अब ध्यान नए समूहों की संख्या बढ़ाने के बजाय पहले से बने समूहों को मजबूत करने पर दिया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक जिले में वर्तमान में आठ हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाए जा चुके हैं। इन समूहों से करीब 62,116 महिलाएं जुड़कर आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। महिलाओं को स्वरोजगार, बचत और छोटे-छोटे व्यवसायों से जोड़ने में इन समूहों अहम योगदान है।
उन्होंने बताया कि जिले में कई ऐसे समूह भी हैं जो बहुत सक्रिय नहीं हैं। इसके चलते अब ऐसे परिवारों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिन्हें इन योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। जरूरतमंद महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके और महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हो।