परिवहन निदेशालय और उपायुक्त कांगड़ा से चार सप्ताह में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
3,000 से अधिक विद्यार्थियों के प्रभावित होने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
इंदौरा (कांगड़ा)। अरनी विश्वविद्यालय काठगढ़ कैंपस इंदौरा के विद्यार्थियों की सुरक्षित और निर्बाध सड़क सुविधा का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) तक पहुंच गया है। विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. विवेक सिंह की ओर से 8 जुलाई को की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने हिमाचल प्रदेश परिवहन निदेशालय के सचिव और कांगड़ा उपायुक्त से चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है।
24 जुलाई को जारी आयोग के पत्र में कहा गया है कि शिकायत में विद्यार्थियों को सुरक्षित सड़क संपर्क उपलब्ध न होने का मुद्दा उठाया गया है। शिकायत के अनुसार एनएच-44 से पठानकोट-डमटाल-मोहटली-इंदौरा होते हुए विश्वविद्यालय तक पहुंचने वाला मुख्य मार्ग न्यायिक प्रक्रिया के कारण प्रभावित है। ऐसे में विद्यार्थियों और स्टाफ को वैकल्पिक सैन्य-नियंत्रित मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है, जो सीमित समय में खुलता है और बिना पूर्व सूचना बंद हो सकता है।
विश्वविद्यालय ने दावा किया है कि इससे पढ़ाई, परीक्षाओं, इंटर्नशिप, आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच प्रभावित हो रही है। इस समस्या से 3,000 से अधिक विद्यार्थियों के प्रभावित होने की बात कही गई है।
आयोग ने शिकायत के आरोपों को प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा माना है। सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लिया है। अब प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा।