पंचरुखी (कांगड़ा)। पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान बलिदान देने वाले सुनील कुमार लदोहिया का परिवार आज भी गुमनाम की जिंदगी जी रहा है। सुनील कुमार की माता बिमला देवी ने बताया कि उनके बेटे के नाम पर न तो आज तक कोई गेट बन पाया है, न ही किसी रास्ते का निर्माण हो पाया है। दुखी मन से उन्होंने कहा कि परिवार अपने इकलौते बेटे के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाया था, क्योंकि परिवार को उसके कुछ सामान के अलावा कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ था।
उन्होंने बताया कि सुनील के पिता बिहारी लाल लदोहिया इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सके। कुछ महीनों बाद उनका निधन हो गया। पति की मृत्यु के बाद बिमला देवी असहाय हो गईं और उनके पास कोई सहारा नहीं था। उन्होंने मांग की है कि सुनील कुमार के नाम उनके घर तक जाने वाली सड़क का नाम रखा जाए और उनके नाम पर क्षेत्र में गेट का भी निर्माण किया जाए। सतीश, अमन, सुरेश और यशपाल आदि लोगों का कहना है प्रशासन इस मांग पर ध्यान दे, ताकि बलिदानी के परिवार को उचित सम्मान मिल सके।