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Kangra News: नगर निगम पांच फैक्टर के आधार पर वसूलेगा संपत्ति कर

Fri, 06 Jun 2025 01:03 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला शहर
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धर्मशाला। नगर निगम क्षेत्र में लोगों से संपत्ति कर वसूलने के लिए प्रारूप तैयार है। सर्वेक्षण का काम पूरा होने के बाद पांच फैक्टर के आधार पर संपत्ति कर वसूला जाएगा। संपत्ति की पैमाइश के लिए कंपनी की ओर से ड्रोन की मदद से एरियल सर्वे पूरा कर लिया है। अब 15 दिन के भीतर हर वार्ड में डोर टू डोर जाकर सर्वे करने वाली कंपनी की टीम लोगों की संपत्ति की पैमाइश करेगी। पैमाइश में पता चलेगा कि किस व्यक्ति की कितनी संपत्ति है, कहां पर है, कितने समय से, कितने लोगों के रहने के लिए और किस तरह की है, इसी के आधार पर उस व्यक्ति से नगर निगम संपत्ति कर वसूल करेगा।
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खास बात यह है कि निगम में वर्ष 2016 में मर्ज किए क्षेत्रों के लोगों को मार्च, 2020 के बाद से अब तक का संपत्ति कर चुकाना पड़ेगा। नगर निगम में शामिल होने के बाद मर्ज एरिया के लोगों को केवल तीन साल की छूट दी गई थी। अब नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति के मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही नए नियमों के तहत कर वसूलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 2019 तक टैक्स में छूट की समय सीमा पूरी होने के बाद संपत्ति कर में माफी की कोई अलग से अधिसूचना सरकार की तरफ से जारी नहीं की गई है। ऐसे में साफ है कि नगर निगम के मर्ज एरिया के लोगों काे पिछले पांच साल का कर भी चुकाना होगा।
इन पांच फैक्टरों को मिलाकर लगेगा कर
लोकेशन - सबसे पहले लोकेशन फैक्टर में शहर को दो जोन में बांटा है। जोन-ए में नगर निगम का पुराना एरिया और रामनगर और शामनगर को शामिल किया है। वहीं, जोन-बी में मर्ज एरिया को शामिल किया है। जोन-ए में फैक्टर वैल्यू पांच और जोन-बी में वैल्यू तीन रहेगी।
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स्ट्रक्चरल - इस फैक्टर में पक्के मकान की वैल्यू प्रति वर्ग मीटर दो, सेमी पक्के मकान की वैल्यू डेढ़ और कच्चे कमान की वैल्यू एक रहेगी।

एज - इस फैक्टर में मकान की आयु के हिसाब से वैल्यू लगाई जाएगी। वर्ष 1947 से पहले बनी इमारतों की वैल्यू एक, वर्ष 1947-1980 वाले भवनों की वैल्यू दो, 1981 से 2000 तक के बने मकानों की वैल्यू ढाई और वर्ष 2000 के बाद बनी इमारतों की फैक्टर वैल्यू तीन रहेगी।

यूज - इस फैक्टर के हिसाब से जोन-बी में 100 स्क्वेयर मीटर से कम वाले घरों में दो, जोन-ए में तीन फैक्टर वैल्यू रहेगी। इसके अलावा जोन-बी में 100 स्क्वेयर मीटर से अधिक वाले घरों की वैल्यू चार और जो जोन-ए में छह रहेगी। जोन-बी में घरों के अलावा अन्य इमारतों और होटलों आदि के लिए वैल्यू पांच रहेगी, जबकि जोन-ए में फैक्टर वैल्यू 10 रहेगी।

ऑक्यूपेंसी - ऑक्यूपेंसी फैक्टर में खुद रहने वाले मकानों की वैल्यू डेढ़ और किराये वाले मकानों की वैल्यू दो रहेगी। वहीं, गैर आवासीय इमारतों की वैल्यू अधिक रहेगी। 2000 स्क्वेयर मीटर से अधिक क्षेत्र वाले होटलों, शोरूम और रेस्तरां की वैल्यू 11, जबकि 1000 से 2000 स्ववेयर मीटर के बीच वाले होटलों की वैल्यू आठ रहेगी। वहीं, छोटे होटल, बार-रेस्तरां, बैंक, एटीएम, शोरूम, कॉल सेंटर, मैरिज हॉल, ट्रैवल एजेंसी, मोबाइल टावर, कोचिंग सेंटर की वैल्यू छह रहेगी। स्कूल, कॉलेज, दुकान, अस्पताल, पीजी और सिनेमा घर की फैक्टर वैल्यू पांच रहेगी। इसके अलावा ढाबा और स्टाल आदि की फैक्टर वैल्यू तीन रहेगी।

ऐसे समझे कितना कर बनेगासभी पांच फैक्टरों की वैल्यू को गुणा कर जितनी वैल्यू बनेगी, उस वैल्यू को भवन के प्रति वर्ग मीटर से गुणा किया जाएगा और इस आधार पर संपत्ति कर लगाया जाएगा। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति की पांचों फैक्टर मिलाकर वैल्यू 100 बनती है और भवन 100 वर्ग मीटर में बना है तो व्यक्ति को सालाना 10 हजार रुपये संपत्ति कर चुकाना होगा।

नगर निगम क्षेत्र में मार्च 2020 के बाद से सभी से संपत्ति कर वसूल किया जाएगा। समय पर कर देने वालों को रियायत दी जाएगी और समय पर भुगतान न करने वालों को जुर्माना लगाया जाएगा। 15 दिन के भीतर डोर टू डोर सर्वे शुरू हो जाएगा। - जफर इकबाल, आयुक्त नगर निगम धर्मशाला
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