धर्मशाला। स्मार्ट सिटी में लोगों की स्वच्छ जल से प्यास बुझाने के लिए स्थापित वास्तविक समय पेयजल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली स्कीम शुभारंभ के 20 दिन के बाद ही हांफ गई। लोगों को 24 घंटे शुद्ध पेयजल सुविधा मुहैया करवाने के लिए यह योजना शुरू की गई थी।
पेयजल न मिलने के कारण राहगीरों सहित कॉलेज विद्यार्थियों और अन्य लोगों को वहां से प्यासे लौटना पड़ रहा है। धर्मशाला के डीआरडीए कार्यालय के समीप 18 लाख की लागत से स्थापित इस स्कीम का हर कोई मजाक उड़ा रहा है। वहीं इसके ऊपर लगी एलईडी स्क्रीन बिना पेयजल के ही पानी की गुणवत्ता को दर्शा रही है।
लोगों ने जलशक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार 18 जनवरी को सदर से विधायक सुधीर शर्मा ने डीआरडीए कार्यालय के समीप और शहीद स्मारक में 18-18 लाख रुपये की वास्तविक समय पेयजल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली स्कीम का शुभारंभ कर लोगों को समर्पित किया था।
इसके बाद लोग यहां से शुद्ध जल पीते थे और बोतलों में भी भरते थे, लेकिन 20 दिन बाद ही यह योजना ठप हो गई थी। वहीं रविवार को भी इस योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पाया। विभाग इसके बारे में अनजान है।
वीरवार को दिनभर लोग यहां पर पानी पीने के लिए आते रहे लेकिन यह स्कीम किसी को भी एक बूंद पानी नहीं दे पाई। हालांकि दो दिन यह योजना सुचारू रही आैर रविवार को फिर यह हांफ गई। संवाद