धर्मशाला। स्मार्ट सिटी में एक साल बाद भी मिनी इलेक्ट्रिक बसें नहीं दौड़ पाई हैं। नगर निगम धर्मशाला में अगस्त 2024 में सभी विभागों के साथ बैठक कर निर्णय लिया गया था कि शहर के सभी 17 वार्डों में निजी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कर लोगों को राहत पहुंचाई जाएगी। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नगर निगम के दावे बैठक तक ही सिमट कर रह गए हैं। इससे लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक सात अगस्त 2024 को नगर निगम के अधिकारियों ने अन्य विभागों के साथ बैठक की थी। इस दौरान यह भी निर्णय लिया गया था कि शहर में 12 सीटर मिनी इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इन बसों को शहर की छोटी सड़कों पर चलाया जाना था, जिससे लोगों को घर-द्वार पर यातायात सुविधा मिल सके। इसका सबसे अधिक लाभ बुजुर्ग लोगों को होना था। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बसों की खरीद की जानी थी, जिन्हें शहर में ही चलाया जाना था।
इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया था कि पार्किंग की समस्या को ध्यान में रखते हुए शहर की लोकल सड़कों के किनारे येलो लाइन लगाकर पार्किंग की सुविधा दी जानी थी लेकिन अभी तक इस निर्णय को भी अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। हैरत की बात तो यह है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जिन 15 इलेक्ट्रिक बसों को शहर में चलाने के लिए खरीदा गया था, उन बसों को शहर की बजाय ग्रामीण क्षेत्र के लिए भेजा जा रहा है। स्मार्ट सिटी के लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
- शहर में मिनी इलेक्ट्रिक बसों के चलाने के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। रही बात इलेक्ट्रिक बसों की तो इसमें से तीन बसों को केवल शहर में ही चलाया जाएगा। दिनभर ये बसें शहर के चिह्नित रूटों पर ही चलेंगी। इसके अलावा येलो लाइन पार्किंग की नोटिफिकेशन जल्द डीसी कांगड़ा करेंगे।
- जफर इकबाल, आयुक्त, नगर निगम धर्मशाला