धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में ओबीसी समुदाय के अधिकारों और उनके सांविधानिक हक की रक्षा को लेकर चौधरी फाउंडेशन 20 सितंबर को होने वाली ओबीसी सामाजिक न्याय यात्रा में अहम भूमिका निभाएगी। चौधरी फाउंडेशन इस यात्रा का नेतृत्व करेगी। यह ऐतिहासिक पैदल यात्रा कांगड़ा से प्रारंभ होकर धर्मशाला तक पहुंचेगी। चौधरी फाउंडेशन के प्रदेशाध्यक्ष रोबिन कौंडल ने बताया कि यात्रा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं और संगठन का हर सदस्य अपने-अपने स्तर पर इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल एक यात्रा करना नहीं है, बल्कि ओबीसी समाज के अधिकारों को सुनिश्चित करना और उनकी आवाज को बुलंद करना है। चौधरी फाउंडेशन पिछले चार साल से 93वें सांविधानिक संशोधन की मांग कर रही है। इसके लिए ओबीसी कल्याण मंडल और घृत बाहती चाहंग संगठनों के साथ मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं। सरकार की तरफ से उचित कार्रवाई न होने की वजह से उन्होंने ओबीसी संघर्ष समिति बनाई है। इसके लिए सौरभ चौधरी को अध्यक्ष बनाया गया है। इस सामाजिक न्याय यात्रा का प्रमुख उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय से संबंधित संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी मांगों को जन-जन तक पहुंचाना है। यात्रा के दौरान आबीसी आरक्षण का पूर्ण पालन, 93वें संवैधानिक संशोधन और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप उच्च शिक्षा संस्थानों और सरकारी/अर्ध-सरकारी सेवाओं में ओबीसी आरक्षण का पूरी तरह पालन किया जाए। इसके अलावा भी कई अन्य मांगे शामिल हैं।