धर्मशाला। ढगवार में 1.5 लाख लीटर क्षमता वाला दूध प्रसंस्करण संयंत्र अगले वर्ष जून तक शुरू होगा। इसके लिए किसानों को उत्तम नस्लों के पशु पालने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि संयंत्र का अधिकतम लाभ उठाया जा सके। यह बात उपायुक्त हेमराज बैरवा ने डीआरडीए सभागार में मंगलवार को आयोजित पशुपालन विभाग की कार्यशाला में कही।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आधुनिक तकनीक की जानकारी किसानों और पशुपालकों तक सुनिश्चित रूप से पहुंचाई जाए, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के साथ पशुपालक अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें। उन्होंने पशु चिकित्सा संस्थानों में हूफ कटर मशीन लगाने, पशु आहार वितरण और बीमा योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के भी निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में पशु उत्पादों की खपत का बड़ा हिस्सा अन्य राज्यों से आता है। आधुनिक तकनीक से खपत और आपूर्ति में संतुलन लाया जा सकता है और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बैठक में सूअर और मुर्गी पालन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। मुर्गी पालकों ने बैरियर टैक्स में कटौती और पालमपुर में आधुनिक हैचरी स्थापित करने की मांग रखी। डीसी ने आश्वस्त किया कि सभी सुझाव और मांगें सरकार तक नीतिगत निर्णयों के लिए भेजी जाएंगी।
कार्यशाला में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अजय सिंह, उपनिदेशक डॉ. सीमा गुलेरिया, सहायक निदेशक डॉ. सूजे शर्मा, डॉ. संदीप मिश्रा सहायक निदेशक सहित पंचायत प्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे।