मौसम सुहावना होते ही धर्मशाला-मैक्लोडगंज में पर्यटन की रफ्तार तेज हो गई है। लंबे वीकेंड में 5 हजार से अधिक पर्यटक वाहन पहुंचने से सड़कों पर दबाव बढ़ा, जबकि मैक्लोडगंज के होटलों की ऑक्यूपेंसी 60 फीसदी से ऊपर पहुंच गई। अब पर्यटकों का रुझान त्रियुंड की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है। गलू चेक पोस्ट पर पंजीकरण के लिए कतारें लग रही हैं। नवरात्र और दशहरा नजदीक होने से आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है।
धौलाधार की पहाड़ियों में इन दिनों मौसम ही नहीं, पर्यटन कारोबार का मिजाज भी बदल रहा है। नवरात्र और दशहरा से पहले मैक्लोडगंज में सैलानियों की आवाजाही बढ़ने लगी है। लंबे वीकेंड में धर्मशाला-मैक्लोडगंज की सड़कें पर्यटक वाहनों से व्यस्त रहीं तो दूसरी ओर पहाड़ों की ओर जाने वाले ट्रैक भी ट्रैकर्स से गुलजार नजर आए। पर्यटकों की बढ़ती आमद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले वीकेंड के दौरान धर्मशाला क्षेत्र में 5 हजार से अधिक पर्यटक वाहन पहुंचे। मैक्लोडगंज और आसपास के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से कई जगह यातायात धीमा रहा।
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होटल ऑक्यूपेंसी 60 फीसदी के पार
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा फायदा पर्यटन कारोबार को मिल रहा है। मैक्लोडगंज के होटलों की ऑक्यूपेंसी 60 फीसदी से अधिक पहुंच चुकी है। होटल और होमस्टे संचालकों के लिए यह अच्छी खबर है। रेस्तरां, कैफे, टैक्सी और पर्यटन गतिविधियों से जुड़े कारोबारियों को भी आने वाले दिनों में बेहतर कारोबार की उम्मीद है। नवरात्र और दशहरा के दौरान छुट्टियों के कारण बाहरी राज्यों से पर्यटकों की आवाजाही और बढ़ सकती है। ऐसे में होटल ऑक्यूपेंसी में और सुधार की संभावना जताई जा रही है।
त्रियुंड पर भी बढ़ा सैलानियों का दबाव
मैक्लोडगंज आने वाले पर्यटकों के बीच त्रियुंड अब सिर्फ ट्रैकिंग प्रेमियों की पसंद नहीं रहा, बल्कि आम पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। मौसम साफ और सुहावना होने के बाद पिछले दिनों सैकड़ों पर्यटकों ने त्रियुंड का रुख किया। सुबह होते ही गलू की तरफ ट्रैकिंग करने वालों की आवाजाही शुरू हो जाती है। धौलाधार की पहाड़ियों, खुले आसमान और प्राकृतिक नजारों के बीच ट्रैकिंग का अनुभव पर्यटकों को खासा पसंद आ रहा है।
गलू चेक पोस्ट पर बढ़ी भीड़
त्रियुंड जाने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ गलू चेक पोस्ट पर भी व्यवस्था का दबाव बढ़ गया है। ट्रैक पर जाने से पहले पर्यटकों के पंजीकरण की प्रक्रिया होती है। पर्यटकों की संख्या अधिक होने पर पंजीकरण में अतिरिक्त समय लग रहा है। इसके चलते चेक पोस्ट के आसपास कुछ समय के लिए भीड़ जमा हो रही है। अगर नवरात्र-दशहरा के दौरान पर्यटकों की संख्या अनुमान के मुताबिक बढ़ती है तो यहां पंजीकरण व्यवस्था को और तेज करना प्रशासन के लिए जरूरी होगा।
एक तरफ पर्यटन की रौनक, दूसरी तरफ जाम की चिंता
मैक्लोडगंज में बढ़ती पर्यटक संख्या पर्यटन कारोबारियों के लिए भले ही खुशी लेकर आई हो, लेकिन वाहनों की बढ़ती संख्या ने यातायात व्यवस्था की चिंता भी बढ़ा दी है। वीकेंड के दौरान मैक्लोडगंज, धर्मकोट और आसपास के मार्गों पर यातायात दबाव बढ़ा। पर्यटक वाहनों की संख्या ज्यादा होने पर कुछ जगह वाहनों की रफ्तार धीमी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन को पहले से पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
खराब सड़कें भी बनी परेशानी
पर्यटन सीजन में एक और समस्या लोगों और पर्यटकों के सामने है खस्ताहाल सड़कें। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर समस्या और गंभीर हो जाती है। पर्यटन सीजन को देखते हुए सड़कों की स्थायी मरम्मत करवाने की मांग भी उठ रही है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है भीड़
मैक्लोडगंज में अभी पर्यटन सीजन ने पूरी रफ्तार नहीं पकड़ी है, लेकिन होटल ऑक्यूपेंसी का 60 फीसदी पार पहुंचना और हजारों पर्यटक वाहनों की आमद बताती है कि आने वाले दिनों में तस्वीर और बदल सकती है। नवरात्र और दशहरा की छुट्टियां शुरू होते ही धर्मशाला-मैक्लोडगंज, धर्मकोट और त्रियुंड में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पर्यटन कारोबारियों को जहां बेहतर सीजन की उम्मीद है, वहीं प्रशासन के सामने ट्रैफिक, पार्किंग, सड़क और त्रियुंड पंजीकरण जैसी व्यवस्थाओं को सुचारू रखने की चुनौती रहेगी।