बीएसएफ के जवान की पत्नी बोली- विधवा बनने के बजाय सुहागिन के रूप में करेंगी जीवन यापन
सुबह आठ बजे धरेड़ गांव पहुंची पार्थिव देह, भारत माता की जय के नारों से गूंजा गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
बैजनाथ (कांगड़ा)। उपमंडल के धरेड़ गांव के बीएसएफ में तैनात बलिदानी रमेश कुमार की पार्थिव देह तीसरे दिन सुबह 8 बजे उनके पैतृक गांव पहुंची। पार्थिव देह गांव में पहुंचते ही लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया और पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया। इस दौरान भारत माता की जय और रमेश कुमार अमर रहे के नारों से गांव गूंज उठा। बलिदानी रमेश कुमार की पत्नी वृक्षा ने दुल्हन का लिवास पहनकर पति को आखिरी विदाई दी। वे गोरखपुर के फर्टिलाइजर एसएसबी ग्राउंड में मंगलवार सुबह दौड़ के दौरान बेहोश होकर गिर गए थे। इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था।
वृक्षा ने कहा कि वह एक विधवा के बजाय सुहागिन के रूप में जीवन यापन करना चाहेंगी। उन्होंने आग्रह किया कि बलिदानियों की पत्नियों को सदा सुहागिनों के रूप में मान्यता प्रदान की जाए। उन्होंने भारत माता की जय के उदघोष से अपने दिवंगत पति को अंतिम विदाई दी।
इससे पूर्व बीएसएफ के जवानों की टुकड़ी ने सलामी दी। पूर्व विधायक मुलख राज प्रेमी ने बलिदानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रशासन की ओर से एसडीएम संकल्प गौतम और डीएसपी अनिल शर्मा ने बलिदानी की पत्नी और परिजनों से उनके घर में संवेदना प्रकट की और नाहन में शिक्षा विभाग में तैनात पत्नी को घर के पास नौकरी करवाने और बच्चों की शिक्षा का प्रावधान जेएनवी पपरोला में करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन उनके परिवार के साथ खड़ा है। रमेश अपने पीछे बूढ़ी मां, पत्नी और एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। गांव के श्मशानघाट में जवानों की सलामी के बाद बेटे ने रमेश की देह को मुखाग्नि दी। विधायक किशोरी लाल ने रमेश के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।
उपमंडल के धरेड गांव के बीएसएफ जवान रमेश कुमार की पत्नी दुल्हन के लिवास में अपने पति को अंतिम वि