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Kangra News: संस्कृत विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ बोला हल्ला

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बलाहर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासन की कथित मनमानी के विरोध में मुख्य
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संस्कृत विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ बोला हल्ला
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विद्यार्थियों परिसर की निदेशक पर लगाए अनदेखी के आरोप
नारेबाजी कर निदेशक को यहां से हटाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी

परागपुर (कांगड़ा)। बलाहर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने विवि प्रशासन की कथित मनमानी के विरोध में मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय निदेशक के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि वह न तो विद्यार्थियों की बात सुन रहे हैं और न विश्वविद्यालय के संचालन के प्रति गंभीर हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही देहरा थाना प्रभारी अजय कुमार पुलिस दल सहित परिसर में पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी मांगों के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बावजूद विद्यार्थी लगातार नारेबाजी करते रहे और स्पष्ट कहा कि वे मौजूदा निदेशक को हटाने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। विद्यार्थियों का कहना है कि आठ अगस्त 2025 को कुलपति ने स्वयं विद्यार्थी कल्याण परिषद के गठन संबंधी अधिसूचना जारी की थी, लेकिन विश्वविद्यालय निदेशक एबीवीपी की नवगठित इकाई को मान्यता देने में अड़चन पैदा कर रही हैं।
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विद्यार्थियों के मुताबिक मंगलवार को इकाई का गठन हुआ, लेकिन अगले ही दिन रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाने से रोक दिया गया। भारत माता की जय के नारे लगाने पर आपत्ति जताई गई। परिसर में लगाए गए एबीवीपी के झंडे तक उखाड़ दिए गए। कई विद्यार्थियों का आरोप है कि निदेशक वामपंथी झुकाव के कारण एबीवीपी इकाई को मान्यता नहीं देना चाहतीं।
- जब विश्वविद्यालय के कुलपति ने परिषद के गठन को लेकर अपनी पूर्ण स्वीकृति दे दी है, तो मैं इस प्रक्रिया को रोकने वाली कौन होती हूं। स्पष्ट करती हूं कि मेरे विरुद्ध लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार और असत्य हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि विद्यार्थियों की सभी वैध मांगों को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया जाए और उनका समय पर निवारण किया जाएगा। - सत्यम कुमारी, निदेशक, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, बलाहर

- हम मांग करते हैं कि विद्यार्थियों के चरित्र पर कोई भी उंगली बेवजह न उठाई जाए और उनके मोबाइल फोन छीनने जैसे निजता का उल्लंघन करने वाले कृत्य तुरंत बंद किए जाएं। निदेशक से बार-बार स्टाफ की बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया लेकिन उन्होंने हमारी किसी भी मांग को स्वीकार नहीं किया है। यह स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों के कल्याण और उनकी जायज मांगों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। - श्वेता, अध्यक्ष, एसएफएस, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, बलाहर।
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- विश्वविद्यालय प्रशासन से स्पष्ट मांग करते हैं कि विद्यार्थियों की सभी उचित और न्यायसंगत मांगों को अविलंब पूरा किया जाना चाहिए। मेरा मत है कि विद्यार्थी परिषद को संगठन बनाने और अपनी गतिविधियों का संचालन करने का पूरा सांविधानिक अधिकार है। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन को इस लोकतांत्रिक अधिकार में किसी भी प्रकार का अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। विद्यार्थियों के हितों की उपेक्षा करना स्वीकार्य नहीं होगा। -बिक्रम ठाकुर, विधायक, जसवां-परागपुर

बलाहर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासन की कथित मनमानी के विरोध में मुख्य

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