धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला की लापरवाही से शहर के हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि अब स्ट्रीट लाइटें दिन में जलती हैं और रात में अंधेरा छा जाता है। पिछले चार दिनों से शहर के कई हिस्सों में लाइटें दिन के उजाले में जग रही हैं, जबकि रात के समय यह बंद हो जाती हैं, जिससे सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है।
शहर में स्ट्रीट लाइटों के जलने और बंद होने के इस अजीबो-गरीब समय से नागरिक परेशान हैं। इसके साथ ही सड़कों पर चलने वाले राहगीर अंधेरे में ठोकर खा रहे हैं। इस लापरवाही की वजह से सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि शहर के अधिकांश क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से लगाई गई लाइटें अब किसी काम की नहीं रह गई हैं।
नगर निगम धर्मशाला के कार्यालय में रोजाना पुरानी स्ट्रीट लाइटों के बार-बार खराब होने शिकायतें आ रही हैं। शिकायत रजिस्टर में लाइटों की खराबी की दर्ज शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन समस्याओं को सुलझाने के लिए लगाए गए क्यूआर कोड भी अब काम नहीं कर रहे हैं, क्योंकि चार-पांच दिनों से एलईडी स्क्रीनें भी बंद पड़ी हैं। मगर नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
बता दें कि पूरे नगर निगम क्षेत्र में करीब 3,600 स्ट्रीट लाइटें हैं, जो आए दिन खराब हो रही हैं। कई बार पार्षदों ने भी बैठकों में इस समस्या को उठाया, लेकिन आज तक इस समस्या का हल नहीं हो सका। इस बार तो नगर निगम के बजट में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के लिए बजट का प्रावधान भी नहीं किया गया है।
धर्मशाला शहर में 7,000 स्मार्ट लाइटें लगाने का कार्य चल रहा है, जैसे ही कार्य पूरा हो जाएगा तो शहर में अंधेरे की समस्या भी दूर हो जाएगी। रही बात दिन में पुरानी स्ट्रीट लाइटों के जलने की तो इस बारे में कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि इस ओर ध्यान दिया जाए। – जफर इकबाल, आयुक्त, नगर निगम धर्मशाला
धर्मशाला में बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर दिन में जगी स्ट्रीट लाइट। संवाद