धर्मशाला। बरनेट क्षेत्र के करीब 12 गांवों के लोगों के लिए सड़क पर बड़े वाहन दौड़ रहे हैं लेकिन हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसें नहीं पहुंच रहीं। इससे परेशानी हो रही है।
यह बात सतोवरी-बरनेट और नड्डी के प्रतिनिधिमंडल ने देशराज अत्री के नेतृत्व में जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर एडीसी कांगड़ा विनय कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए कही। इस दौरान समाजसेवी एवं स्थानीय नेता विपिन नैहरिया भी इस दौरान मौजूद रहे।
देशराज अत्री ने बताया कि जिला मुख्यालय धर्मशाला से बरनेट क्षेत्र को जोड़ने वाले पांच एचआरटीसी बस रूट लंबे समय से बंद हैं। बरनेट, खड़ीबेही, करेरी, घेरा, सेरी, भत्तला, सतोवरी और तोतारानी समेत 12 गांवों के लोगों और विद्यार्थियों के लिए एचआरटीसी बस सेवा महत्वपूर्ण है।
बस रूट बंद होने से लोगों को निजी वाहनों या अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब इस सड़क पर भारी वाहन, निजी बसें और अन्य बड़े वाहन चल सकते हैं तो एचआरटीसी की बस सेवा क्यों नहीं चल सकती। यदि सड़क पर बड़ी बस चलाना संभव नहीं है तो मिनी एचआरटीसी बस चलाई जाए, ताकि लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग को सड़क की स्थिति का तकनीकी आकलन कर आवश्यक व्यवस्था करनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने बंद पड़े सभी पांच रूट जल्द बहाल करने की मांग उठाई।
वहीं, एडीसी कांगड़ा ने समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में सूरज सिंह जरियाल, साहिब सिंह, रमेश कुमार, राजू राम और संजू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।