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Kangra News: ‘न्यूनतम बस किराया बढ़ाना सही नहीं, विद्यार्थियों और मजदूरों पर पड़ेगा बोझ’

Mon, 21 Apr 2025 01:19 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बस का न्यूनतम किराया पांच रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया है। इस फैसले को लोगों ने गलत बताया है। लोगों का कहना है कि इससे गरीब वर्ग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। एक किलोमीटर का बस में सफर करने के लिए भी लोगों को 10 रुपये चुकाने होंगे। सरकार अपना खजाना भरने के लिए प्रदेशवासियों पर आर्थिक बोझ डाल रही है। इसका सबसे अधिक प्रभाव स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और मजदूरी करने वालों पर पड़ेगा। उन्हाेंने इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।
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एक तरफ सरकार प्रदेश के लोगों को सुविधाएं देने की बात कर रही है। वहीं, दूसरी ओर हर चीज के दाम बढ़ाकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। बसों में न्यूनतम किराया 10 रुपये करना सरकार का गलत फैसला है। - विशाल, निवासी झियोल

आर्थिक तंगी से जूझ रही प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपना खजाना भरने के लिए आम आदमी पर बोझ जा रही है। अब एक किलोमीटर बस में सफर करने के लिए भी लोगों को 10 रुपये चुकाने होंगे, जो सही नहीं है। - कमलेश निवासी पासू
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बस का न्यूनतम किराया 10 रुपये करने से सबसे अधिक प्रभाव गरीब आदमी पर पड़ेगा। दिहाड़ी-मजदूरी करने वालों को भी बसे में 10 रुपये किराया चुकाना ही होगा। सरकार इस फैसले को वापस ले। - अभिषेक निवासी धर्मशाला

पहले सरकार ने सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और दांतों के एक्सरे पर फीस लगा दी और अब बसों का न्यूनतम किराया 10 रुपये कर लोगों का बोझ बढ़ाने का काम किया है। इसका असर विद्यार्थियों पर भी पड़ेगा। - सौरभ निवासी पासू

सरकार की ओर से बस किराए में बढ़ोतरी करना एक निंदनीय फैसला है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और खासकर रोजाना बस में सफर करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। - चमन लाल निवासी परौर
प्रदेश सरकार का बस किराए में बढ़ोतरी का फैसला आम जनता के लिए सही नहीं है। सरकार को इस फैसले पर विचार विमर्श कर इसे वापस लेना चाहिए, ताकि बस में सफर करने वाले लोगों को कोई दिक्कत न हो। -सीमा देवी निवासी परौर


बस का न्यूनतम किराया किया जाना न्यायसंगत नहीं है। न्यूनतम किराया दस रुपये किए जाने से इसका आर्थिक बोझ गरीब पर ही पड़ेगा। गरीब पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है। उस पर न्यूनतम किराया दस रुपये किए जाना केवल मात्र गरीब के लिए ही दुखदाई है। - पंकज दर्शी निवासी राजा का तालाब


गरीब व्यक्ति अधिकतर बस में सफर करता है। गरीब परिवारों के कई युवा घर से कुछ ही दूरी पर कार्य करने को बाध्य हैं। कई युवाओं के पास आने जाने के लिए कोई निजी सुविधा नहीं है। ऐसे में रोजाना आजीविका के लिए आने जाने के लिए उनके पास एकमात्र विकल्प बस ही बचता है। ऐसे में न्यूनतम किराया दस रुपये किए जाने गरीब के लिए नुकसानदायक है। - राजेश चौधरी निवासी राजा का तालाब
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