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मर्ज एरिया में सुविधाएं नहीं, तो किस बात का टैक्स

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धर्मशाला नगर निगम के जरनल हाउस की बैठक में महापौर ओंकार नैहरिया की मर्ज एरिया में टैक्स लगाने की ? - फोटो : Kangra
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के दो माह बाद हुए जनरल हाउस में मर्ज एरिया में प्रॉपर्टी टैक्स लगाने के मुद्दे को लेकर सदन गरमा गया। शुक्रवार को हुए जरनल हाउस में टैक्स लगाने के मुद्दे पर मर्ज एरिया के पार्षदों ने जमकर विरोध किया।
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हालांकि, कांग्रेस समर्थित पार्षद पहले से ही इस फैसले का विरोध करते आ रहे हैं। मर्ज एरिया के लोगों का कहना है कि निगम की ओर से मर्ज एरिया में अभी भी सीवरेज, पानी की समस्या से लेकर अन्य सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में मर्ज एरिया के लोगों पर टैक्स को लगाना उचित नहीं है। इस पर फिलहाल लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स में राहत देते हुए फैसले के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार को भेजने पर सहमति बनाई गई है। मर्ज एरिया में टैक्स लगाने को लेकर निगम को ओर से सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। बहरहाल, मर्ज क्षेत्र के लगभग 29000 हजार लोगों को टैक्स के बोझ से फिलहाल राहत मिली है।
मृतक किरायेदारों के बच्चों को मिलेंगे दुकानें
नगर निगम धर्मशाला में दुकानों के किरायेदारों की मृत्यु के बाद उनके वारिस के नाम दुकान सौंपने का प्रस्ताव निगम की बैठक में रखा गया। इस पर फैसला लिया गया कि अब निगम की दुकानों को मृतक किरायेदारों के बच्चों के नाम किया जाएगा।
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सफाई व्यवस्था पर भड़के पार्षद
निगम के हाउस में सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने रोष व्यक्त किया। पार्षदों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों के पास सफाई करने का सही सामान नहीं है। बहुत से वार्ड हैं, जहां सफाई व्यवस्था सही ढंग से नहीं हो रही है। ऐसे में निगम में सफाई पर्ची पर सीएलसी एजेंसी की जगह नगर निगम का नाम लिखने पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त लंबे समय से खराब स्ट्रीट लाइटों में सुधारीकरण करते हुए उनकी मरम्मत करने पर भी फैसला लिया गया।
स्मार्ट स्ट्रीट लाइटों का कार्य को दी जाएगी गति
स्मार्ट स्ट्रीट लाइट परियोजना को गति देने को लेकर हाउस में चर्चा की गई। परियोजना के तहत अब तक सभी 17 वार्डों में लगभग 470 खंभे लगाए जा चुके हैं। परियोजना को भी पूरा करने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। हाईवे पर सात मीटर और गलियों में पांच से छह मीटर ऊंचाई के खंभे लगाए जाएंगे।
एनजीओ संभालेगा गोसदन, तूड़ी का का खर्चा उठाएगा निगम
हाउस में लावारिस पशुओं के आतंक से आम जनता और फसलों को बचाने के लिए भी अहम फैसला लिया गया। इसके तहत अब गोसदन का जिम्मा एक एनजीओ को सौंपा जाएगा। तूड़ी का खर्च निगम उठाएगा। इसके लिए निगम की ओर से एनजीओ के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया जाएगा। वहीं अधिक गुस्सैल पशुओं पर एक-दो दिन में काबू पाकर गोशाला में भेजा जाएगा।
खाली पद भरने के लिए सरकार को लिखेगा निगम
निगम में खाली चल रहे टाउन प्लानर, नायब तहसीलदार, निजी अधिकारी के पद को भरने के लिए प्रदेश सरकार को लिखा जाएगा। वहीं कुछ पद जो खाली चल रहे हैं, उनको आउटसोर्स आधार पर भरने पर चर्चा की गई।
अवैध कब्जे हटाने को होगा टीम का गठन
निगम क्षेत्र में शहर की निकास नालियों पर अवैध कब्जा करके बैठे रेहड़ी-फड़ी वालों को हटाने के लिए निगम की ओर से एक कमेटी का गठन करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इसमें जलशक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, पुलिस प्रशासन और निगम की टीम मिलकर अवैध कब्जे हटाएगी।
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