गुम्मर पंचायत में अवैध रूप से काटे गए खैर के मोछे मिलने का मामला
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। क्षेत्र की गुम्मर पंचायत में अवैध रूप से काटे गए करीब 400 खैर के मोछों का मामला अब प्रशासन के लिए सिरदर्द बनने लगा है। इस पूरे प्रकरण में कार्रवाई की दिशा पर सवाल उठाते हुए पंचायत प्रधान शिमला देवी ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिमला देवी का कहना है कि जिस फॉरेस्ट गार्ड ने कानून के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध कटान को पकड़ा, उसी ईमानदार कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि असली दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने इसे सच बोलने और सही काम करने की सजा करार दिया है। पंचायत प्रधान ने सवाल उठाया कि जब फॉरेस्ट गार्ड ने अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाई तो उसे इनाम मिलना चाहिए था। मगर उल्टा उसे ही बलि का बकरा बना दिया गया। उन्होंने अन्य मामलों का हवाला देते हुए कहा कि जहां रिश्वत लेने से इनकार करने पर कर्मचारियों के साथ मारपीट तक हुई, वहीं यहां नियमों के अनुसार काम करने पर निलंबन जैसी कार्रवाई हुई।
शिमला देवी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही संबंधित फॉरेस्ट गार्ड को बहाल नहीं किया गया और असली दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पंचायत और क्षेत्रवासी डीएफओ देहरा कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। संवाद