धर्मशाला/ज्वालामुखी। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के चेयरमैन सुरेश ठाकुर ने कहा कि सरकार पेंशनरों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे। पेंशनरों बार-बार मांगों को लेकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। पेंशनरों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया नहीं किया तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।
वह सोमवार को धर्मशाला में हुई संघर्ष समिति की बैठक में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। जिला संयोजक रविंद्र राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में 17 अक्तूबर को होने वाले धरना-प्रदर्शन और रैली की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यातिथि ने कहा कि जिला कांगड़ा के 18 विभागों के पेंशनर 17 अक्तूबर को सुबह 11:00 बजे शहीद स्मारक के समीप चीलगाड़ी चौक पर एकत्र होंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे यहां से कचहरी अड्डा की ओर रैली निकालेंगे।
कचहरी अड्डा में पेंशनरों की मांगों को लेकर समिति के पदाधिकारी और अन्य रैली को संबोधित करेंगे। इसके बाद दोपहर 2.30 बजे प्रतिनिधिमंडल डीसी कांगड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपेगा। सुरेश ठाकुर ने यह भी कहा कि कुछ लोग सरकार समर्थक बनकर पेंशनरों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं और 14 अक्तूबर को रैली निकालकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, हिमाचल प्रदेश सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ की ज्वालामुखी इकाई के प्रधान जगदीश सिंधिया ने कहा कि महासंघ के आदेशानुसार 17 अक्तूबर को सभी जिलों में रैली और धरने होंगे। उन्होंने ज्वालामुखी क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों से सुबह 9:00 बजे निर्धारित स्थान पर एकत्रित होकर धर्मशाला रैली में समय पर पहुंचने की अपील की है। उन्हाेंने कहा कि रैली कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आयोजित की जा रही है।