भवारना (कांगड़ा)। प्रदेश में पंचायतों में बदले बीपीएल नियमों के बाद अब पात्र लोगों पर भी सरकारी तंत्र भारी पड़ रहा है। बीपीएल सूची के चयन की प्रक्रिया 30 अप्रैल बीत जाने पर भी कई पात्र लोग इस आवेदन से वंचित रहे गए हैं।
इसका मुख्य कारण सरकारी तंत्र है, कहीं कागज सचिव के पास हैं, कहीं लोक मित्र केंद्र के चक्कर लगाने पर पता चल रहा है कि आज सर्वर डाउन है, तो कहीं साहब नहीं आए हैं। इससे कई पात्र लोग बीपीएल चयन से बाहर होने लगे हैं। अकेले विकास खंड भवारना की बात करें, तो लगभग 250 लोगों के आय प्रमाणपत्र ही नहीं बन पाए हैं, जिससे उनका बीपीएल के लिए किया जाने वाला आवेदन रद्द हो गया।
हालांकि, इसका एक बड़ा कारण कई पंचायत घरों में पंचायत सचिव के न मिल पाने से लोगों को परिवार नकल तक नहीं मिल पाई है। सरकारी आदेशों के मुताबिक इस बार बीपीएल के सर्वेक्षण के लिए तीन सदस्य कमेटी का गठन किया है, जिसमें पटवारी, सचिव व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल किए गए हैं। इसमें कई शर्तों को दर्शाया गया है, जबकि सालाना आय की अधिकतम सीमा 50 हजार रखी गई थी। हालांकि यह सभी शर्तें विधवा एकल नारी के लिए लागू नहीं थीं। अधिकतम लोगों ने सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, लेकिन उनका आय का प्रमाणपत्र ही नहीं बन पाया, जिस कारण उनका आवेदन रद्द कर दिया गया।
आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए पंचायत की ओर से परिवार नकल लेना लाजिमी था, जो बाद में तहसीलदार ने उसको प्रमाणित करना था। लोकमित्र केंद्र में अप्लाई करने के बाद इसका स्टेटस पेंडिंग इन डीलिंग हैंड बताया जाता रहा और लोगों ने पता नहीं कितने चक्कर तहसील कार्यालय के लगाएं, लेकिन उनका प्रमाणपत्र नहीं बन पाया, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
लोगों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह इस आवेदन की अवधि को बढ़ाएं, ताकि वह अपने आवेदन के साथ आय प्रमाणपत्र लगाकर सचिव को सौंप सकें।
कोट्स :
बीपीएल के लिए आवेदन करने की तिथि सरकार ने बढ़ा दी है। अब आवेदनकर्ता 17 मई तक पंचायत कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
-तबींद्र सिंह चनोरिया, बीडीओ, भवारना
काेट्स:
लोक अदालत के चलते कुछ देरी हुई होगी और जांच-पड़ताल करने के चलते भी समय लगता है, ताकि पात्र व अपात्र का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि तहसील में सभी कार्य समय पर किए जा रहे हैं।
-भूपेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार