कोटला (कांगड़ा)। जवाली की सिंहुनी पंचायत के चनणी गांव में 22 वर्ष पुराने भूमि विवाद के कारण न्यायालय के आदेश पर एक मकान को खाली करवा कर सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद मकान मालिक का परिवार बरसात के मौसम में बेघर हो गया है।
शनिवार को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने माननीय न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए स्थानीय निवासी रुस्तम के मकान को अपने कब्जे में लेकर तालाबंदी की। पीड़ित रुस्तम ने बताया कि उन्होंने कई वर्ष पहले यह जमीन मकान सहित खरीदी थी और इसकी रजिस्ट्री भी उन्हीं के नाम पर है। यह मामला करीब 22 वर्षों से अदालत में विचाराधीन था।
दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले रुस्तम का कहना है कि नया घर बनाना उनकी आर्थिक क्षमता से बाहर है। कार्रवाई के बाद वह अपनी पत्नी के साथ मकान के खुले बरामदे में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से आर्थिक सहायता व सुरक्षित छत की गुहार लगाई है।
उधर, एसडीएम जवाली नरेंद्र जरियाल ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पटवारी को तुरंत पीड़ित परिवार को तिरपाल और फौरी राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बीडीओ को भी निर्देशित किया गया है कि नियम अनुसार परिवार को आवास योजना में शामिल कर पक्का मकान मुहैया कराया जाए। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक परिवार को किसी उपयुक्त सरकारी भवन में ठहराया जाएगा, ताकि बरसात में उन्हें कोई समस्या न हो।