धर्मशाला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा की चार में से तीन लिफ्टें पिछले छह माह से खराब पड़ी हैं। इससे मरीजों को पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। खासकर बुजुर्गों और जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों के लिए यह समस्या गंभीर बन चुकी है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने खराब लिफ्टों के बाहर पोस्टर लगा रखे हैं। इनमें इन लिफ्टों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है लेकिन छह माह से अधिक समय बीतने के बावजूद इन लिफ्टों की मरम्मत नहीं हो पाई है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान कांग्रेस सरकार के कई माननीय जो टांडा अस्पताल में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचे, उन्होंने भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया। स्थानीय निवासी सुरेंद्र शर्मा, प्रदीप कुमार, सुनीता देवी और विंता देवी ने प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य मंत्री और मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र खराब लिफ्टों को दुरुस्त करवाया जाए, जिससे मरीजों को राहत मिल सके। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मेडिकल कॉलेज के पास नई लिफ्टें लगाने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध है, फिर भी लिफ्टों की मरम्मत अब तक पूरी नहीं हो पाई है। उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने इस संदर्भ में कहा कि मेडिकल कॉलेज ने लोक निर्माण विभाग के इलेक्ट्रिकल विंग को नई लिफ्टों को लगाने काम सौंप दिया है। इस परियोजना के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द लिफ्टों की सुविधा मरीजों को मिल जाएगा।