पर्यटकों के बिना खाली पड़ा मैक्लोडगंज का मुख्य चौक
मैक्लोडगंज। पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में पर्यटन कारोबार इन दिनों मंदा चल रहा है, लेकिन तिब्बती नववर्ष लोसर पर्व से कारोबारियों को उम्मीद है कि पर्यटन में रफ्तार आएगी। इस बार लोसर उत्सव 28 फरवरी से शुरू हो रहा है, और कारोबारी 15 फरवरी के बाद पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी की आशा कर रहे हैं। लोसर, जो कि तिब्बतियों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्व है, तीन दिन तक मनाया जाता है, जिसमें पारंपरिक संगीत, नृत्य और प्रार्थनाएं प्रमुख होती हैं।
यह पर्व तिब्बती चंद्र कैलेंडर के आधार पर मनाया जाता है और निर्वासित तिब्बती समुदाय के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। खासतौर पर, यह पर्व तिब्बती पहचान का प्रतीक बन चुका है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन स्मार्ट सिटी धर्मशाला के अध्यक्ष राहुल धीमान ने कहा कि अभी होटलों में ऑक्यूपेंसी काफी कम है, लेकिन 15 फरवरी के बाद इसमें बढ़ोतरी की संभावना है। लोसर के मद्देनजर, बौद्ध भिक्षुओं और अनुयायियों का आगमन शुरू होगा, जिससे पर्यटन कारोबार में तेजी आएगी।