पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर करीब चार साल से बंद पड़ी सीधी रेल सेवा इसी महीने के अंत तक बहाल होने की उम्मीद है। 24 फरवरी को सात बोगियों वाली विशेष ट्रेन के साथ पूरे ट्रैक का अंतिम निरीक्षण किया जाएगा। यदि यह निरीक्षण और ट्रायल सफल रहता है तो 28 फरवरी से कांगड़ा घाटी के लोगों को पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक सीधे और सस्ते सफर की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। अगस्त 2022 में चक्की खड्ड पुल के ध्वस्त होने के बाद से यह मार्ग बाधित था।
उत्तर रेलवे परिमंडल दिल्ली के रेल संरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल 24 फरवरी को सुबह 7 बजे पठानकोट से नूरपुर रोड तक नवनिर्मित पुल और ट्रैक का जायजा लेंगे। इसके बाद दोपहर को नूरपुर रोड से जोगिंद्रनगर तक ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान लोकतांत्रिक राष्ट्र अभियान समिति के सदस्य और अन्य स्वयंसेवी संस्थाएं आयुक्त से मिलकर यात्रियों की समस्याओं और ट्रैक की चुनौतियों पर चर्चा करेंगी।
सीधी रेल सेवा बहाल होने से न केवल आम जनता को सस्ता परिवहन मिलेगा, बल्कि जिला के शक्तिपीठों और ऐतिहासिक पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ेगी। वर्तमान में केवल बैजनाथ से कांगड़ा के बीच ही दो ट्रेनें चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हो रही है। इस बहाली से कांगड़ा घाटी की आर्थिकी को भी नया बल मिलने की उम्मीद है।
24 फरवरी को सुबह सात बजे नेरोगेज ट्रेन से पठानकोट से नूरपुर रोड तक रेल ट्रैक सहित नवनिर्मित चक्की खड्ड रेल पुल का निरीक्षण करेंगे। दोपहर बाद नूरपुर रोड से जोगिंद्रनगर तक रेल ट्रैक का निरीक्षण और ट्रायल करेंगे। ट्रायल सफल रहने के बाद दो-तीन दिन में पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक सीधी रेल सेवा बहाल कर दी जाएगी। - दिनेश चंद देशवाल, रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर रेलवे परिमंडल दिल्ली