हिमाचल प्रदेश में टैक्सी से सफर करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। शिमला के बाद अब धर्मशाला में भी प्रीपेड टैक्सी सुविधा केंद्र शुरू करने की तैयारी है। इन केंद्रों का संचालन हिमाचल प्रदेश पुलिस करेगी। इसका उद्देश्य पर्यटकों और स्थानीय लोगों को निर्धारित किराये पर टैक्सी उपलब्ध करवाना है, ताकि यात्रियों को किराये को लेकर परेशानी न हो। धर्मशाला में यह केंद्र गांधी वाटिका में बनाया जा रहा है। बूथ तैयार हो चुका है और पुलिस के अनुसार, इसे करीब एक सप्ताह में शुरू किया जा सकता है।
गांधी वाटिका में बनेगा 24 घंटे चलने वाला केंद्र
धर्मशाला में प्रीपेड टैक्सी केंद्र शुरू होने के बाद यात्रियों को टैक्सी लेने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। यहां से निर्धारित दरों के आधार पर टैक्सी बुक की जा सकेगी। पुलिस यात्रियों और टैक्सी से जुड़ी जानकारी का रिकॉर्ड भी रखेगी। इस व्यवस्था से स्थानीय लोगों के साथ धर्मशाला घूमने आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर पर्यटन सीजन में टैक्सियों की मांग बढ़ने पर यात्रियों को किराये की जानकारी पहले ही मिल सकेगी।
रात 11 से सुबह 5 बजे तक देना होगा 25 फीसदी अतिरिक्त किराया
धर्मशाला में रात के समय सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्पों के कारण लोगों को परेशानी होती है। प्रीपेड टैक्सी केंद्र शुरू होने के बाद देर रात यात्रा करने वालों को भी टैक्सी की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच टैक्सी बुक करने पर निर्धारित किराये से 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसके अलावा यात्रियों को किराये के लिए चालकों से मोलभाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर लगेगी रोक
पर्यटन सीजन में कई प्रमुख स्थलों पर टैक्सियों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में यात्रियों को कभी-कभी अधिक किराया चुकाना पड़ता है। प्रीपेड व्यवस्था में यात्रा शुरू करने से पहले ही निर्धारित किराये की जानकारी मिल जाएगी। पुलिस के अनुसार, टैक्सी का किराया टैक्सी यूनियन और परिवहन विभाग की निर्धारित दरों के आधार पर तय किया जाएगा। इससे किराये को लेकर होने वाली परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।
दूसरे पर्यटन स्थलों पर भी खुलेंगे केंद्र
एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने बताया कि प्रीपेड टैक्सी सुविधा केंद्र शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। धर्मशाला में केंद्र की शुरुआत एक सप्ताह के भीतर होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी ऐसे केंद्र खोलने की योजना है।